हिंदी सिनेमा के मशहूर गायक सोनू निगम ने ‘बॉर्डर-2’ के गानों में अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज से दर्शकों का दिल जीत लिया है. फिल्म में कुल 7 गाने फिल्माए गए हैं, जिनमें से तीन गाने सोनू निगम ने अपनी आवाज में गाए हैं. हाल ही में सिंगर ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभव और जावेद अख्तर के गानों को रिक्रिएट करने वाले बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी.
सोनू निगम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हुए कहते दिखे कि 1997 में आई ‘बॉर्डर’ में गाने का मौका मिला और अब 29 साल बाद ‘बॉर्डर-2’ में भी ऐसा अवसर मिला. उन्होंने कहा, "1997 में मैं पहली बार बॉर्डर के प्रीमियर में गया था और अब दोबारा इस फिल्म के प्रीमियर में शामिल होने का मौका मिला. कभी सोचा नहीं था कि ये जर्नी इतनी प्यारी, खूबसूरत और लंबी जाएगी." सोनू निगम ने बताया कि फिल्म के आइकॉनिक गाने, जो देशभक्ति और फिल्म की आत्मा का प्रतीक हैं, उन्हें उसी जोश और ईमानदारी के साथ नई फिल्म में बनाए रखने की पूरी कोशिश की गई है.
जावेद अख्तर के बयान पर सोनू निगम का पक्ष
सोनू निगम ने जावेद अख्तर के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पुराने गानों को दोबारा इस्तेमाल करना हमेशा आसान नहीं होता. उन्होंने कहा, जावेद साहब ने सही कहा कि नए गाने होने चाहिए. ‘बॉर्डर’ अगर फौजी है तो ‘संदेशे आते हैं’ उसकी वर्दी है. इस गाने के बिना बॉर्डर फिल्म की कल्पना नहीं की जा सकती. हम जावेद साहब को अपना गुरु मानते हैं और उनके निर्देशों के अनुसार ‘मिट्टी के बेटे’ गाना फिल्म और देश के लिए नया तोहफा है.
‘मिट्टी के बेटे’: एक इमोशनल और मार्मिक गीत
फिल्म का गाना ‘मिट्टी के बेटे’ दर्शकों को इमोशनल कर देता है. यह गीत उन सैनिकों और उनके परिवारों को समर्पित है, जिनके बेटे युद्ध के मैदान से वापस नहीं लौट पाए. गीत की मार्मिकता और भावनात्मक गहराई दर्शकों को अपनी कुर्सी से बांध देती है. सोनू निगम ने इस गाने के जरिए न केवल अपनी आवाज का जादू बिखेरा है, बल्कि देशभक्ति और बलिदान की भावना को भी दर्शकों तक पहुंचाया है.
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