टेक्सास के स्टारबेस लॉन्चपैड से एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने एक बार फिर इतिहास रचने की दिशा में कदम बढ़ाया है. सोमवार को कंपनी ने अपने सबसे बड़े और अब तक के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप की ग्यारहवीं परीक्षण उड़ान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
इस मिशन का उद्देश्य न केवल रॉकेट की क्षमताओं की जांच करना था, बल्कि भविष्य में उसे लॉन्च साइट पर वापस लाने की रणनीति को परखना भी था.
नकली सैटेलाइटों की लॉन्चिंग और रीयूजेबल तकनीक पर फोकस
इस बार की उड़ान विशेष रूप से प्रयोगात्मक रही, जिसमें रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने के साथ-साथ फ्यूचर मैन्यूवर्स, हीटशील्ड स्ट्रेस टेस्टिंग, और सुपर हेवी बूस्टर डेटा कलेक्शन पर जोर दिया गया. टेक्सास के दक्षिणी सिरे से उड़ान भरते ही बूस्टर रॉकेट सफलतापूर्वक मुख्य यान से अलग हो गया और मेक्सिको की खाड़ी में नियंत्रित तरीके से गिराया गया. इसके बाद अंतरिक्ष यान ने हिंद महासागर की ओर उतरने से पहले कक्षा में परिक्रमा की.
चंद्रमा और मंगल की ओर एक कदम और
स्पेसएक्स का यह वही रॉकेट है, जिसके जरिए कंपनी की योजना मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजने की है. साथ ही, नासा के साथ साझेदारी के तहत इसी स्टारशिप का उपयोग चंद्रमा की सतह तक और वापसी के लिए भी किया जाना है.कंपनी के मुताबिक, जब तक यह प्रणाली पूरी तरह से परीक्षण में सफल नहीं होती, तब तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों की लैंडिंग संभव नहीं हो पाएगी.
पहली बार एलन मस्क ने बाहर से देखा लॉन्च
दिलचस्प बात यह रही कि इस बार एलन मस्क खुद लॉन्च कंट्रोल सेंटर के बाहर आए और रॉकेट लॉन्च को अपनी आंखों से देखा. इससे पहले वे हमेशा लॉन्च के समय कंट्रोल रूम के अंदर ही रहते थे. मस्क ने इसे "गौरव का क्षण" बताते हुए कहा कि हर टेस्ट कंपनी को नई सीख और सुधार का मौका देता है.
पिछली असफलताएं और सीख
स्टारशिप को लेकर स्पेसएक्स की राह आसान नहीं रही है. 29 जून 2025 को हुए एक स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान रॉकेट में भारी विस्फोट हो गया था. उस समय रॉकेट जमीन पर था और इंजन परीक्षण किया जा रहा था. अचानक ऊपरी हिस्से में विस्फोट शुरू हुआ और कुछ ही पलों में पूरा रॉकेट आग के गोले में तब्दील हो गया.हालांकि, अगस्त में हुई 10वीं उड़ान को आंशिक सफलता मिली थी, जिसने कंपनी को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया.
भविष्य की दिशा
स्पेसएक्स की यह उड़ान सिर्फ एक तकनीकी परीक्षण नहीं, बल्कि उस भविष्य की ओर एक और कदम है जहां रीयूजेबल रॉकेट अंतरिक्ष यात्रा को किफायती और तेज़ बना सकते हैं. अगर सभी परीक्षण योजना के अनुसार चलते रहे, तो आने वाले वर्षों में स्टारशिप वह प्लेटफॉर्म बन सकता है जो इंसान को चंद्रमा और मंगल तक पहुंचाएगा और शायद वापस भी.
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