कौन है 50 हजार की इनामी प्रियंका सिंह, जिसे कई सालों से ढूंढ रही थी पुलिस? अब UP STF ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित करने वाली आरोपी प्रियंका सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है.

STF arrests lady fraudster Priyanka Singh from Lucknow after five years on the run
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित करने वाली आरोपी प्रियंका सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है. प्रियंका सिंह पर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने और लाखों लोगों को ठगने के आरोप हैं. उसे गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस जांच में जुट गई है कि प्रियंका ने इन वर्षों में किस तरह अपने अपराधी नेटवर्क को फैलाया और ठगी की रकम कहां खर्च की.

कंपनी बनाकर ठगी की थी योजना

प्रियंका सिंह ने साल 2011 में जेकेवी लैंड एंड डेवलपर्स इंफ्रास्ट्रक्चर नामक एक कंपनी बनाई थी. इस कंपनी के जरिए उसने लोगों को नौकरी का झांसा दिया और उनके द्वारा जमा किए गए पैसे से करोड़ों रुपये की ठगी कर ली. प्रियंका ने बड़ी चालाकी से लोगों को एजेंट के रूप में काम देने का लालच दिया, जिससे लोग अपने पैसे जमा करने को तैयार हो गए. लेकिन इसके बाद प्रियंका ने पैसे लेकर फरार हो गई, जिससे कई लोग करोड़ों के नुकसान में डूब गए.

कई जिलों में दर्ज हैं मामले

प्रियंका और उसके सहयोगियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, फतेहपुर, मऊ, महोबा, ललितपुर और लखनऊ में कई शिकायतें दर्ज की गई हैं. उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रियंका ने ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां किया और इस अपराध में उसके साथ कौन लोग शामिल थे.

5 साल से फरार थी प्रियंका

प्रियंका सिंह कई सालों से पुलिस की नजरों से बची हुई थी. झांसी रेंज के आईजी द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के बावजूद प्रियंका लंबे समय तक फरार रही. आखिरकार, STF की टीम ने उसे लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया. अब पुलिस प्रियंका से पूछताछ कर रही है, जिससे ठगी नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं.

STF ने प्रियंका सिंह की गिरफ्तारी के बाद जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की है. पुलिस ने कहा है कि लोग निवेश के नाम पर किसी अज्ञात कंपनी या व्यक्ति पर भरोसा न करें. अगर कोई संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें. इस घटना ने यह भी साफ कर दिया है कि कैसे ऐसी कंपनियां लोगों के मेहनत की कमाई लूटने के लिए नए-नए तरीके अपनाती हैं.

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