Suryakumar Yadav News: सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप जरूर जीता, लेकिन अब उनकी जगह टीम में बनी रहेगी या नहीं, इस पर सवाल खड़े होने लगे हैं. खराब फॉर्म की वजह से उन पर टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है. टी20 वर्ल्ड कप के बाद आईपीएल में भी उनका बल्ला ज्यादा नहीं चला है, जिससे चयनकर्ताओं की नजर उन पर टिकी हुई है.
सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी हाल के समय में उतनी प्रभावी नहीं रही है. पहले जहां वे तेजी से रन बनाते थे, वहीं अब उनका प्रदर्शन लगातार गिरा है. यही वजह है कि टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
करो या मरो वाला समय
आईपीएल के बाद टीम इंडिया को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर जाना है, जहां सूर्यकुमार टीम की कप्तानी करेंगे. लेकिन इस दौरे पर उनकी कप्तानी से ज्यादा उनकी बल्लेबाजी पर नजर रहेगी. यह सीरीज उनके भविष्य के लिए काफी अहम मानी जा रही है. इसी प्रदर्शन के आधार पर तय होगा कि वे 2028 के बड़े टूर्नामेंट्स में खेल पाएंगे या नहीं.
ओलंपिक और वर्ल्ड कप पर नजर
2028 में लॉस एंजेलिस ओलंपिक होने हैं, जहां क्रिकेट को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा टी20 वर्ल्ड कप भी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेला जाएगा. ऐसे में सवाल यह है कि क्या सूर्यकुमार यादव इन बड़े टूर्नामेंट्स के लिए टीम में जगह बना पाएंगे.
कोच का मिला है साथ
सूर्यकुमार के लिए अच्छी बात यह है कि हेड कोच गौतम गंभीर अभी भी उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंभीर उन्हें अपनी पहली पसंद मानते हैं. लेकिन अंतिम फैसला चयन समिति के हाथ में होगा.
उम्र भी बन सकती है फैक्टर
जब 2028 ओलंपिक होंगे, तब सूर्यकुमार यादव की उम्र करीब 38 साल होगी. ऐसे में टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को मौका देने के बारे में भी सोच सकता है.
प्रदर्शन पर टिकी है आगे की राह
बीसीसीआई के एक सूत्र के अनुसार, सूर्यकुमार फिलहाल कप्तान हैं, लेकिन उन्हें बल्लेबाज के तौर पर अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा. इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के बाद ही यह साफ होगा कि वे आगे टीम में बने रहेंगे या नहीं.
पिछले आंकड़े क्या कहते हैं
2025 का साल सूर्यकुमार के लिए अच्छा नहीं रहा. उनका स्ट्राइक रेट 120 से भी कम हो गया था और वे एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए थे. हालांकि 2026 में उन्होंने वापसी की और टी20 वर्ल्ड कप तक 160 से ज्यादा स्ट्राइक रेट से चार अर्धशतक लगाए.
बड़ी टीमों के खिलाफ नहीं चला बल्ला
इसके बावजूद बड़ी टीमों के खिलाफ उनका प्रदर्शन कमजोर रहा. इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में वे सिर्फ 11 रन ही बना सके, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ तो खाता भी नहीं खोल पाए. कुल मिलाकर, आने वाले मैच सूर्यकुमार यादव के लिए बेहद अहम होने वाले हैं. अगर उनका बल्ला चला तो टीम में जगह बनी रहेगी, नहीं तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
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