तालिबान ने लॉन्च किया “ग्रेटर अफगानिस्तान” का नक्शा, लाहौर तक झंडा फहराने की दी चेतावनी

Taliban Pakistan Clash: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. इस बार विवाद की वजह है तालिबान का नया “ग्रेटर अफगानिस्तान” नक्शा, जिसमें पाकिस्तान के कई हिस्सों को अफगानिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है. 

Taliban launches map of Greater Afghanistan warns to hoist flag till Lahore
Image Source: Social Media

Taliban Pakistan Clash: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. इस बार विवाद की वजह है तालिबान का नया “ग्रेटर अफगानिस्तान” नक्शा, जिसमें पाकिस्तान के कई हिस्सों को अफगानिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है. 

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब डूरंड लाइन को लेकर दोनों देशों के बीच झड़पें लगातार बढ़ रही हैं. अफगान तालिबान शुरू से ही इस सीमा रेखा को मानने से इनकार करता रहा है और अब खुले तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ अपना दावा मजबूत कर रहा है.

खोस्त में तालिबान मंत्री को सौंपा गया विवादित नक्शा

स्थानीय मीडिया आमज न्यूज के अनुसार, पिछले हफ्ते अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में आयोजित एक समारोह में “ग्रेटर अफगानिस्तान” का यह विवादित नक्शा तालिबान के उप गृह मंत्री मोहम्मद नबी ओमारी को भेंट किया गया.

इस नक्शे में डूरंड रेखा को पूरी तरह हटा दिया गया है और पाकिस्तान के कई पश्तून-बहुल इलाकों, जिनमें खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और आसपास के कुछ हिस्से शामिल हैं, को अफगानिस्तान का हिस्सा बताया गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी है, तालिबान अब पाकिस्तान के प्रभाव से पूरी तरह अलग रास्ता अपनाने की कोशिश कर रहा है.

तालिबान की पाकिस्तान को खुली चेतावनी

कार्यक्रम के दौरान उप गृह मंत्री मोहम्मद नबी ओमारी ने इस्लामाबाद को सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ कोई युद्ध छेड़ा, तो तालिबान उसी तरह जवाब देगा जैसा उसने कभी सोवियत संघ और अमेरिका को दिया था.

ओमारी ने कहा, “अफगान जनता अब किसी बाहरी दबाव के आगे झुकेगी नहीं. हमने साम्राज्यवादी ताकतों को हराया है और फिर से ऐसा करने की क्षमता रखते हैं.” यह बयान साफ तौर पर पाकिस्तान के लिए चेतावनी मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब सीमा क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है.

तालिबानी परेड में लाहौर और इस्लामाबाद पर चेतावनी वाले गाने

तालिबान का यह रुख सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहा. खोस्त में आयोजित सैन्य परेड के दौरान देशभक्ति के गानों में पाकिस्तान को सीधे निशाना बनाया गया.

इन गीतों में तालिबान को यह कहते सुना गया, “हम लाहौर में अपना झंडा फहराएंगे, इस्लामाबाद को राख में बदल देंगे. इन नारों और गीतों ने पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल मचा दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि तालिबान का “आत्मविश्वास दिखाने का नया तरीका” है, जो उसे अब पाकिस्तानी नियंत्रण से अलग पहचान देने में मदद कर सकता है.

डूरंड लाइन पर पुराना विवाद फिर उभरा

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,600 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन पर दशकों से विवाद चला आ रहा है. यह सीमा 1893 में ब्रिटिश भारत और अफगान अमीर अब्दुर रहमान खान के बीच तय की गई थी.

तालिबान इसे “कृत्रिम विभाजन” मानता है और दावा करता है कि अफगानिस्तान का क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों तक फैला है. पाकिस्तान के लिए यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, जबकि तालिबान के लिए यह “राष्ट्रीय अस्मिता” का प्रतीक बन गया है.

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