आपने यह जरूर सुना होगा कि पुराने समय में कमरे को ठंडा रखने के लिए बड़े बुजुर्ग गाय के गोबर को दीवारों पर लगाया करते थे. इस तरह कमरे का टेंपरेचर काफी ठंडा रहता था. लेकिन यह तरीका स्कूल या फिर कॉलेज में शायद होते हुए आपने देखा हो. पहले के दौर की बात अलग है. लेकिन आज के समय में ऐसा नहीं होता. लेकिन इस बीच कक्षा को ठंडा रखने के लिए प्रिंसिपल ने दीवारों पर गाय का गोबर लगाया.इसका एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये एक अनोखा और मजेदार वीडियो वायरल हो रहा है.दिल्ली यूनिवर्सिटी के लक्ष्मीबाई कॉलेज का है. इस कॉलेज की प्रिंसिपल प्रत्यूष वत्सला खुद क्लासरूम की दीवारों पर गाय के गोबर का लेप लगाती नजर आ रही हैं. जब वीडियो वायरल हुआ तो इसपर जानकारी सामने आई कि यह एक प्रोजेक्ट का हिस्सा है.
क्या दिखा वीडियो में?
वीडियो में प्रिंसिपल प्रत्यूष वत्सला कॉलेज स्टाफ के साथ मिलकर सी ब्लॉक की एक कक्षा की दीवारों पर गोबर का लेप लगा रही हैं. उन्होंने यह वीडियो शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में भी शेयर किया और बताया कि इस देसी उपाय से कमरे गर्मी में ठंडे रहेंगे.
She is Principal of a college of my University. Duly plastering cow-shit on classroom walls. I am concerned about many things - to begin with- If you are an employer and applicant studied from an institution which has such academic leader- what are odds of her getting hired? pic.twitter.com/0olZutRudS
— Vijender Chauhan (@masijeevi) April 13, 2025
प्रिंसिपल ने दी सफाई
उन्होंने कहा "जिनकी क्लासेज इस कमरे में होती हैं, उन्हें जल्द ही ये क्लासरूम नया और बेहतर रूप में मिलेगा. यह रिसर्च का हिस्सा है. " मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह एक वैज्ञानिक प्रयोग है और इसे फैकल्टी के सहयोग से किया गया है. उन्होंने खुद एक कमरे में गोबर का लेप इसलिए किया ताकि लोगों को यह दिखाया जा सके कि प्राकृतिक चीज़ें नुकसान नहीं करतीं. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग बिना पूरी जानकारी के इस पर गलतफहमी फैला रहे हैं.
कहाँ है यह कॉलेज?
लक्ष्मीबाई कॉलेज की स्थापना 1965 में हुई थी. यह कॉलेज झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर है. कॉलेज दिल्ली के अशोक विहार में स्थित है और दिल्ली सरकार के तहत आता है. कॉलेज में कुल पांच ब्लॉक हैं और ये पहल फिलहाल एक ब्लॉक में शुरू की गई है.