बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल अब चरम पर है. पहले चरण का प्रचार थमने से ठीक पहले महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े चुनावी वादे भी किए. तेजस्वी ने कहा कि इस बार बिहार की जनता “परिवर्तन” के मूड में है और इस बार का वोट “बदलाव का वोट” होगा.
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण की शुरुआत ही इस विश्वास के साथ की कि जनता अब पुरानी व्यवस्था से ऊब चुकी है. उन्होंने कहा, बिहार के लोग अब ठान चुके हैं कि इस बार बदलाव जरूरी है. जनता इस बार ऐसी सरकार चुनेगी जो नौजवानों, किसानों और माताओं-बहनों के सम्मान की बात करे. तेजस्वी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनते ही उनकी पहली प्राथमिकता आम जनता के भरोसे को बहाल करना और सामाजिक न्याय की नई शुरुआत करना होगा.
‘माई-बहिन मान योजना’ से महिलाओं को सम्मान
महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर तेजस्वी ने सबसे बड़ा वादा किया हमारी सरकार बनते ही ‘माई-बहिन मान योजना’ लागू की जाएगी. मकर संक्रांति के दिन यानी 14 जनवरी को हम राज्य की सभी माताओं और बहनों के खाते में एक साल का 30,000 रुपये ट्रांसफर करेंगे.उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने जीविका दीदियों के साथ अन्याय किया है, जबकि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं.जीविका दीदियों का शोषण हुआ है, उन्हें उनका हक नहीं मिला. हमारी सरकार उन्हें स्थायी दर्जा देगी और 30,000 रुपये का मानदेय सुनिश्चित करेगी.
कर्मचारियों के लिए राहत और ट्रांसफर नीति में सुधार
तेजस्वी यादव ने शिक्षकों, पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी बड़ा वादा किया. हम सरकार में आएंगे तो सभी कर्मचारियों की पोस्टिंग उनके गृह जनपद से 70 किलोमीटर के भीतर की जाएगी. कोई भी अधिकारी, शिक्षक या स्वास्थ्यकर्मी अपने घर से बहुत दूर नहीं भेजा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जीविका दीदी कैडर को हर महीने 2,000 रुपये का भत्ता और 5 लाख रुपये का बीमा कवरेज मिलेगा, साथ ही लोन पर ब्याज माफी दी जाएगी.
किसानों के लिए ‘बोनस का तोहफा’
तेजस्वी ने किसानों के हित में भी कई बड़े ऐलान किए. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने पर कृषि को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. धान की फसल पर एमएसपी के अलावा प्रति क्विंटल 300 रुपये बोनस और गेहूं पर 400 रुपये बोनस दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली दी जाएगी, जिससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा.
पैक्स प्रतिनिधियों को मिलेगा ‘जनप्रतिनिधि’ का दर्जा
तेजस्वी यादव ने कहा कि पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समिति) के सदस्यों और प्रबंधकों को सरकार के ढांचे में उचित सम्मान मिलेगा. हम पैक्स प्रतिनिधियों को जनप्रतिनिधि का दर्जा देंगे और प्रबंधकों को भी मानदेय देने पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने ग्रामीण संस्थाओं को कमजोर किया है, जबकि महागठबंधन उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में काम करेगा.
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