हैदराबाद: तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक 13 साल की मासूम बच्ची का विवाह एक 40 वर्षीय व्यक्ति से करा दिया गया. हैरानी की बात यह है कि इस विवाह में बच्ची की मां और आरोपी की पहली पत्नी भी मौजूद थीं. यह विवाह मई महीने में हुआ था, लेकिन मामले का खुलासा हाल ही में तब हुआ जब बच्ची ने अपने शिक्षक को पूरी आपबीती सुनाई.
शिक्षक की सतर्कता से खुला राज
छात्रा ने जब स्कूल में अपने शिक्षक को अपनी स्थिति के बारे में बताया, तो उन्होंने तुरंत जिला बाल संरक्षण अधिकारी और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता से छापेमारी कर बच्ची को आरोपी के कब्जे से छुड़ाया और उसे ‘सखी सेंटर’ में भेज दिया गया, जहां अब उसकी काउंसलिंग की जा रही है.
मां और बिचौलिए की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता अपनी मां और भाई के साथ किराए के मकान में रहती थी. एक दिन मां ने मकान मालिक से अपनी बेटी की शादी कराने की इच्छा जताई. इसके बाद एक बिचौलिए ने श्रीनिवास गौड़ नामक 40 वर्षीय व्यक्ति से विवाह तय करवा दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि शादी आरोपी की पहली पत्नी की मौजूदगी में कराई गई.
दो महीने से साथ रह रहा था आरोपी
जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रवीन कुमार ने बताया कि यह नाबालिग लड़की बीते दो महीनों से आरोपी के साथ रह रही थी. अगर जांच में यह सामने आता है कि लड़की को किसी प्रकार की यौन प्रताड़ना दी गई है, तो आरोपी पर POCSO एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया जाएगा.
कई लोगों पर केस, सख्त कार्रवाई का भरोसा
पुलिस ने इस मामले में आरोपी पुरुष, उसकी पहली पत्नी, पीड़िता की मां, बिचौलिए और विवाह कराने वाले पुजारी पर बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है. बच्ची फिलहाल सखी सेंटर में सुरक्षित है और उसकी मानसिक स्थिति को सुधारने के लिए विशेषज्ञों की देखरेख में काउंसलिंग की जा रही है. प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
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