डलास: जब एक युवा अपनी मेहनत और लगन से बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाता है, तो उसे न सिर्फ सपने पूरे करने होते हैं, बल्कि सुरक्षा की चुनौती भी झेलनी पड़ती है. ऐसा ही कुछ हुआ है तेलंगाना के हैदराबाद के एलबी नगर के रहने वाले 25 वर्षीय पोले चंद्रशेखर के साथ, जिनका अमेरिका के डलास में अज्ञात लुटेरों ने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी. डेंटल सर्जरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए इस युवक की हत्या ने पूरे परिवार और समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है.
पढ़ाई का सपना अधूरा रह गया
चंद्रशेखर ने हैदराबाद के एक कॉलेज से बैचलर इन डेंटल सर्जरी (BDS) की डिग्री पूरी की थी और उज्जवल भविष्य के लिए अमेरिका के डलास में दाखिला लिया था. वहां वह न सिर्फ पढ़ाई कर रहा था, बल्कि एक गैस स्टेशन पर पार्ट-टाइम नौकरी भी कर रहा था. लेकिन शुक्रवार सुबह (3 अक्टूबर 2025) की उस दर्दनाक घटना ने उसकी ज़िंदगी को हमेशा के लिए रोक दिया.
लुटेरों की गोलीबारी में चंद्रशेखर की मौत
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, अज्ञात अपराधियों ने डलास के एक गैस स्टेशन में घुसकर लूटपाट शुरू कर दी. इसी दौरान चंद्रशेखर को सीने में दो गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है.
परिवार की टूटी उम्मीदें और गमगीन माहौल
यह दुखद खबर जैसे ही परिवार को मिली, माँ की आंखों से आंसू नहीं रुके और पिता चुपचाप दीवार से टिके रहे, मानो पूरी दुनिया उजड़ गई हो. पड़ोसी और दोस्त चंद्रशेखर को मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित युवा के रूप में याद कर आंसू बहा रहे हैं. उनका जाना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है.
BRS विधायक हरिश राव ने जताया गहरा दुख
तेलंगाना के BRS विधायक हरिश राव ने परिवार से मिलकर संवेदना जताई और ट्वीट के जरिए इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जैसे युवा देश का भविष्य हैं, जिनका इस तरह जाना बेहद दर्दनाक है. विधायक ने सरकार से अपील की है कि विदेश मंत्रालय और अमेरिकी दूतावास के साथ मिलकर जल्द से जल्द शव भारत लाया जाए ताकि परिवार को अंतिम विदाई दे सकें.
विदेश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. चंद्रशेखर के दोस्तों ने स्थानीय इलाकों में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जिसमें युवाओं ने अपनी चिंता जाहिर की और कहा कि विदेशों में पढ़ाई के साथ सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए. भारतीय दूतावास ह्यूस्टन ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है.
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