Afghanistan Pakistan Conflict: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनाव मंगलवार को फिर एक बार उभर कर सामने आया. डूरंड लाइन, जो दोनों देशों के बीच विवादित सीमा है, पर शाम करीब 7 बजे दोनों देशों की सेनाओं के बीच गंभीर झड़प हुई. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमला किया, जबकि जवाब में तालिबान के लड़ाकों ने पाकिस्तान के कई पोस्टों पर धावा बोल दिया. यह संघर्ष न केवल सीमाओं तक सीमित रहा, बल्कि इसमें अत्याधुनिक हथियारों का भी इस्तेमाल हुआ, जिससे हालात और बिगड़ गए.
पाकिस्तान ने तालिबान के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन स्ट्राइक का थर्मल फुटेज जारी कर इस हमले को आतंकवाद और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी बताया. पाकिस्तान का दावा है कि यह कार्रवाई उसकी सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए की गई है. वहीं अफगान अधिकारियों ने इस हमले को पहले हमला बताया और कहा कि अफगान सैनिक पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई में लगे हुए हैं. अफगानिस्तान की ओर से बताया गया कि पाकिस्तान ने पहले हमला किया, जो कि दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला कदम है.
BREAKING: Pakistan–Afghanistan tensions spike again.
— Clash Report (@clashreport) October 14, 2025
Pakistan releases thermal footage of a strike on a Taliban military post.
Pakistani drones reportedly fly over several Afghan cities. pic.twitter.com/NyNZetc2hZ
खोस्त प्रांत में पाकिस्तानी घुसपैठ नाकाम
खोस्त प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता मुस्तघफर गुरबज ने TOLOnews को बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने जाजी मैदान जिले के पालोची इलाके में घुसपैठ करने की कोशिश की, लेकिन अफगान बलों ने इस कोशिश को सफल नहीं होने दिया. उन्होंने कहा कि इस इलाके में झड़पें अभी भी जारी हैं. इसके साथ ही, स्थानीय सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी ड्रोन अफगानिस्तान के कई शहरों के ऊपर लगातार मंडरा रहे हैं, जो सीमा विवाद को और तीव्र बना रहा है. इस स्थिति ने दोनों देशों के बीच एक नए युद्ध संकट को जन्म दे दिया है.
राजनीतिक हस्तक्षेप: मौलाना फजलुर रहमान का शांति प्रस्ताव
इसी बीच पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान में जब दोनों पक्षों के बीच हिंसा जारी है, तो किसी भी वार्ता का कोई फायदा नहीं होगा. उनका मानना है कि पहले युद्धविराम जरूरी है, तभी संवाद और शांति वार्ता सफल हो सकती है. मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के लिए एक-दूसरे का शांतिपूर्ण अस्तित्व बेहद जरूरी है, लेकिन बॉर्डर पर जारी गोलाबारी से केवल आम जनता को ही नुकसान होगा.
दोनों देशों के लिए तनाव का खतरा और भविष्य की चुनौतियां
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. यह क्षेत्र पहले भी कई बार हिंसा और संघर्ष का गवाह रहा है. दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों को लेकर मतभेद लंबे समय से बने हुए हैं. इस बार की झड़पें न केवल स्थानीय संघर्ष हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रही हैं. अगर जल्द युद्धविराम और शांति प्रयास नहीं किए गए तो इससे दोनों देशों के बीच बड़ी-scale संघर्ष हो सकता है, जिसका सबसे बड़ा खामियाजा वहां की जनता को भुगतना पड़ेगा.
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