ट्रंप का पीस फॉर्मूला 44 दिन में फेल, टूट गया थाईलैंड-कंबोडिया का सीजफायर, फिर शुरू हुए हवाई हमले

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप ले गया है.

Thailand-Cambodia ceasefire broken Trump peace formula fails
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बैंकॉक: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप ले गया है. सोमवार को थाईलैंड ने कंबोडियाई सीमा पर हवाई हमले शुरू किए, जिससे दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए सीजफायर की धज्जियाँ उड़ गईं. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगा रहे हैं.

यह झड़प इस क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे विवाद का हिस्सा है, जिसमें प्रीह विहियर मंदिर और आसपास की पहाड़ी भूमि शामिल है. ये क्षेत्र दोनों देशों के लिए रणनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है.

पुराना झगड़ा और मंदिर का महत्व

सीमा विवाद की जड़ प्रीह विहियर मंदिर है. यह हिंदू भगवान शिव को समर्पित मंदिर थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर डांगरेक पर्वत की चोटी पर स्थित है.

  • मंदिर कंबोडिया के प्रीह विहियर प्रांत और थाईलैंड के सिसाकेट प्रांत के बीच पड़ता है.
  • दोनों देश इस पहाड़ी क्षेत्र पर अपना दावा करते हैं.
  • यह क्षेत्र न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि रणनीतिक रूप से भी संवेदनशील माना जाता है.

यह विवाद लंबे समय से दोनों देशों के बीच टकराव की वजह रहा है. छोटे-छोटे सैन्य झगड़े अक्सर बड़ी लड़ाई का रूप ले लेते हैं.

सीजफायर की असफल कोशिशें

  • इस साल जुलाई में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमावर्ती झड़पें भड़क गई थीं.
  • पांच दिन तक झड़पें चलीं, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए.
  • लगभग 2 लाख लोग दोनों तरफ से विस्थापित हुए.
  • विवाद को शांत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की गई, जिसमें चीन और अमेरिका शामिल थे.
  • 28 जुलाई, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं के साथ बातचीत कर प्रारंभिक युद्धविराम स्थापित कराया.

इसके बाद अक्टूबर में कुआलालंपुर में विस्तारित समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इस दौरान ट्रंप और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी मौजूदगी दी. समझौते में दोनों देशों ने:

  • सीमा पर संयुक्त निगरानी बढ़ाने,
  • आपसी बातचीत मजबूत करने,
  • संघर्ष रोकने के लिए तत्पर रहने,

पर सहमति जताई.

लेकिन यह समझौता भी केवल 44 दिन चला और अक्टूबर के अंत में ही इसका उल्लंघन हो गया.

सोमवार को फिर से हिंसा

सोमवार को थाईलैंड और कंबोडिया के सैनिकों के बीच सीमा पर फिर से भिड़ंत हुई. थाईलैंड के सेना प्रवक्ता मेजर जनरल विनथाई सुवारी का कहना है कि कंबोडियाई सैनिकों ने थाईलैंड के कई इलाके में पहले गोलीबारी की.

कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचेता ने दावा किया कि थाईलैंड ने ही हमला शुरू किया और कंबोडिया ने शुरुआती हमलों का जवाब नहीं दिया. इस हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई के कारण सीजफायर फिर से ध्वस्त हो गया.

सीमा विवाद क्यों नहीं सुलझा?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार हिंसा भड़कने की मुख्य वजह दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी है.

  • पिछले समझौतों के बावजूद सीमा पर छोटे टकराव भी बड़ी लड़ाई का रूप ले लेते हैं.
  • संयुक्त निगरानी और बातचीत के प्रयास कमजोर साबित हो रहे हैं.
  • धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्रों, जैसे प्रीह विहियर मंदिर, पर दावा विवाद को और जटिल बनाता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक दोनों देशों के बीच स्थायी समझौता नहीं होगा, तब तक ऐसे सैन्य झटके और हवाई हमले होते रहेंगे.

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