कपिल के शो में इमोशनल हुए पवन सिंह, छलक उठा दर्द; बताया मांग कर खानी पड़ी थी नमकीन

The Kapil Sharma Show: नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रहे ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का तीसरा सीजन लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. प्रियंका चोपड़ा के बाद अब इस शो में भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज सितारों ने एंट्री ली और मंच पर हंसी, मस्ती के साथ-साथ जिंदगी के कड़वे-मीठे अनुभव भी साझा किए.

The Kapil Sharma Show Pawan Singh Got Emotional Rembers his old day video viral
Image Source: Social Media

The Kapil Sharma Show: नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रहे ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का तीसरा सीजन लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. प्रियंका चोपड़ा के बाद अब इस शो में भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज सितारों ने एंट्री ली और मंच पर हंसी, मस्ती के साथ-साथ जिंदगी के कड़वे-मीठे अनुभव भी साझा किए. पवन सिंह, मनोज तिवारी और दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ जब कपिल शर्मा के साथ बैठे, तो माहौल सिर्फ मजाक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संघर्ष, मेहनत और आत्मसम्मान की कहानियों से भी भर गया.

शो के दौरान जहां दर्शक ठहाकों से लोटपोट होते नजर आए, वहीं इन सितारों ने यह भी दिखा दिया कि सफलता के पीछे किस तरह की कठिन राहें छिपी होती हैं.

निरहुआ का किस्सा, स्टेज पर गूंजती हंसी

कार्यक्रम के दौरान दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने एक दिलचस्प किस्सा सुनाकर माहौल को और हल्का कर दिया. उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी के ड्राइवरों के नाम ही उनके करीबियों जैसे रहे हैं. निरहुआ के मुताबिक, मनोज तिवारी के पहले ड्राइवर का नाम रवि था, दूसरे का नाम पवन. यह सुनते ही दर्शकों के साथ-साथ मंच पर मौजूद सभी कलाकार हंस पड़े. इस पर मनोज तिवारी ने भी मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि इसे संयोग ही कहेंगे. उन्होंने आगे बताया कि उनके तीसरे ड्राइवर का नाम दिनेश है. यह सुनकर कपिल शर्मा और खुद निरहुआ भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Netflix India (@netflix_in)

मनोज तिवारी ने सुनाया संघर्ष का सच

मस्ती के बीच मनोज तिवारी ने अपनी जिंदगी का एक अहम पहलू साझा किया. उन्होंने कहा कि अक्सर लोग ड्राइवर बनने को छोटा काम समझते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. मनोज तिवारी ने खुलासा किया कि उन्होंने खुद करीब तीन साल तक ड्राइवरी की है और उसी काम के सहारे अपनी पढ़ाई पूरी की. उन्होंने कहा कि कोई भी काम छोटा नहीं होता, मेहनत और ईमानदारी से किया गया हर काम इंसान को आगे बढ़ाता है. आज एक सफल गायक और राजनेता होने के बावजूद मनोज तिवारी ने यह मानने में कोई संकोच नहीं किया कि उनकी सफलता की नींव संघर्ष के दिनों में ही रखी गई थी.

पवन सिंह की बचपन की यादें हुईं ताजा

मनोज तिवारी के बाद पवन सिंह ने भी अपनी बचपन की कहानी साझा की, जिसने कई लोगों को भावुक कर दिया. उन्होंने बताया कि जब वह सिर्फ पांच साल के थे, तब उनके गांव में दो बड़े सुनार परिवारों में शादी थी. शादी में गांव वालों को भरपेट खाना खिलाया गया, लेकिन कुछ बच्चे बाहर इंतजार कर रहे थे. पवन सिंह ने बताया कि उन बच्चों में वह भी शामिल थे. बाद में बच्चों को नमकीन बांटी गई और उन्होंने भी मांगकर वही नमकीन खाई थी. पवन सिंह ने कहा कि यही जिंदगी की सच्चाई है और यही सिखाती है कि किसी भी काम या स्थिति को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए.

संघर्ष से सफलता तक का सफर

‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का यह एपिसोड सिर्फ हंसी का डोज नहीं था, बल्कि यह याद दिलाने वाला भी था कि आज जिन सितारों को लोग सिर आंखों पर बैठाते हैं, उन्होंने भी कभी अभाव, तिरस्कार और संघर्ष के दिन देखे हैं. पवन सिंह, मनोज तिवारी और निरहुआ की कहानियां यह साबित करती हैं कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी इंसान अपनी किस्मत बदल सकता है.

यह भी पढ़ें: 'तुम मेरा घर और मेरा सहारा हो', क्या तलाक के बाद फिर हुआ माही विज को इस शख्स से प्यार? जन्मदिन पर कही ये खास बात