'दरवाजा टूट गया था और सामने कुछ खाली...' प्लेन क्रैश में जिंदा बचे शख्स ने बताई मौत से लड़ने की कहानी

गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को देश को झकझोर देने वाला बड़ा विमान हादसा हुआ. एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेक-ऑफ के महज दो मिनट बाद क्रैश हो गई.

The person who survived the plane crash told the story
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को देश को झकझोर देने वाला बड़ा विमान हादसा हुआ. एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेक-ऑफ के महज दो मिनट बाद क्रैश हो गई. इस भयानक हादसे में 265 में से 241 यात्रियों की जान चली गई. पूरे विमान में सिर्फ एक व्यक्ति बचा – विश्वास कुमार रमेश. उनके लिए ये किसी चमत्कार से कम नहीं.

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अस्पताल में विश्वास से मिलने पहुंचे, तो उन्होंने खुद उनसे पूछा – "तुम कैसे बच गए?" इस सवाल के जवाब में विश्वास ने कांपती आवाज में वो मंजर सुनाया जिसे वो शायद जिंदगी भर भूल नहीं पाएंगे.

"अब मेरी बारी थी मरने की…"

विश्वास कुमार बताते हैं – "हादसे के वक्त मुझे कुछ समझ ही नहीं आया. अचानक जोरदार झटका लगा और मुझे लगा कि अब मेरी बारी है मरने की. चारों तरफ आग, धुआं और चीख-पुकार थी."

"जब मैंने धीरे से आंखें खोलीं, तो देखा मैं अभी जिंदा हूं. खुद से कहा – जितनी देर तक सांस है, कोशिश करनी चाहिए. मैंने हिम्मत जुटाकर सीट बेल्ट खोली, खुद को संभाला और किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश करने लगा."

मैंने अपनी आंखों से लोगों को जलते देखा

विश्वास की आंखों के सामने जो हुआ, वो शायद किसी भी इंसान के लिए पूरी उम्र का सबसे बड़ा डर होगा.

"मैंने अपनी आंखों से देखा कि लोग आग में घिरे हुए हैं. एयर होस्टेस, बच्चे, बुजुर्ग, मेरे आसपास बैठे यात्री, कोई भी नहीं बचा. मैं बाहर निकलते वक्त लोगों को जलते हुए देख रहा था. मैं आज भी सोचता हूं- आखिर मैं कैसे बच गया?" विश्वास कहते हैं.

जलते हाथ, कांपते कदम

"मेरी सीट 11-A थी. हादसे में मेरा बायां हाथ जल गया. लेकिन जैसे-तैसे मैं पैदल ही विमान से बाहर आ गया. चारों तरफ सिर्फ जलते हुए मंजर थे. बाद में एंबुलेंस आई और मुझे अस्पताल लाया गया."

"यहां डॉक्टर बहुत अच्छा इलाज कर रहे हैं. यहां के लोग बहुत अच्छे हैं. मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा."

अपनों को खो देने का ग़म

विश्वास अकेले नहीं थे. उनके बड़े भाई अजय कुमार रमेश भी उसी फ्लाइट में थे. विश्वास आगे कहते हैं, "हम दोनों साथ में यूके लौट रहे थे. लेकिन भाई दूसरी लाइन में बैठे थे. अब वो नहीं रहे."

ये कहते हुए विश्वास की आवाज भारी हो जाती है.

हादसा जिसने देश को हिला दिया

गुरुवार दोपहर 1:38 बजे एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी. टेक-ऑफ के ठीक दो मिनट बाद विमान पास की एक इमारत से टकरा गया और आग की लपटों में घिर गया. हादसा इतना भयानक था कि पायलट को आपात संदेश भेजने का मौका तक नहीं मिला.

इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित 241 यात्रियों की मौत हो गई. हादसे के बाद घटनास्थल पर दिल दहलाने वाला मंजर था.

ब्लैक बॉक्स से मिले सुराग

फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि विमान टेक-ऑफ के 20 सेकंड के अंदर ही तकनीकी समस्या का शिकार हो गया था. क्या कारण था कि पायलट को कोई चेतावनी देने या विमान संभालने का समय तक नहीं मिला? इसकी गहराई से जांच की जा रही है.

पहचान अब सिर्फ DNA से

हादसे के बाद कई शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान सिर्फ DNA टेस्ट से ही हो पा रही है. अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिवार वालों की भारी भीड़ लगी हुई है, जो अपने अपनों की एक झलक पाने के लिए तड़प रहे हैं.

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