"क्या मैं इन्हें ले जा सकता हूं?", ट्रंप के सामने ही इस देश के पीएम कैरोलाइन पर हो गए फिदा! देखें Video

Karoline Leavitt: अमेरिकी राजनीति के सख्त माहौल के बीच व्हाइट हाउस में इस बार एक मजेदार और हल्का-फुल्का पल देखने को मिला. मौका था प्रेस कॉन्फ्रेंस का, जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने तेज़तर्रार अंदाज़ में मौजूद थे, और उनके साथ थीं उनकी फायरब्रांड प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लैविट (Karoline Leavitt).

This country PM fell in love with Caroline in front of Trump know what the US President said
Image Source: Social Media

Karoline Leavitt: अमेरिकी राजनीति के सख्त माहौल के बीच व्हाइट हाउस में इस बार एक मजेदार और हल्का-फुल्का पल देखने को मिला. मौका था प्रेस कॉन्फ्रेंस का, जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने तेज़तर्रार अंदाज़ में मौजूद थे, और उनके साथ थीं उनकी फायरब्रांड प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लैविट (Karoline Leavitt).

लेकिन इस बार सुर्खियाँ ट्रंप के किसी बयान ने नहीं, बल्कि कैरोलाइन के शानदार जवाबों ने बटोरीं, इतना कि हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबन (Viktor Orbán) खुद उन पर फ़िदा हो गए!

मीडिया को जवाब देते हुए छा गईं कैरोलाइन लैविट

व्हाइट हाउस की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैरोलाइन लैविट पत्रकारों से बेबाकी से सवाल ले रही थीं. मीडिया के एक सवाल पर उन्होंने कहा, “पिछले छह महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे ज़्यादा टैक्स घटाए हैं, जिससे लोगों की जेब में पैसा वापस गया है. लेकिन आप लोग इन अच्छी बातों को कवर ही नहीं करते. वही पुरानी नेगेटिविटी दिखाते हैं.”

कैरोलाइन के इस जवाब ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींच लिया. उनके आत्मविश्वास और सटीक तर्कों ने साबित कर दिया कि वो सिर्फ प्रेस सेक्रेटरी नहीं, बल्कि ट्रंप की टीम की असली ‘पावरफुल वॉइस’ हैं.

“क्या मैं इन्हें ले जा सकता हूं?”

कैरोलाइन के जवाब खत्म होते ही जैसे ही ट्रंप ने अपनी बात शुरू की, कमरे में मौजूद विक्टर ओरबन मुस्कुराते हुए बोले, “क्या मैं इन्हें हायर कर सकता हूं?” उनका ये सवाल सुनकर ट्रंप कुछ पल के लिए चकित रह गए, फिर हँसते हुए बोले, “कैरोलाइन, हमें छोड़कर मत जाना प्लीज़!” पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह मजेदार पल

कैरोलाइन लैविट ने इस पूरे वाकये का वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया और लिखा, “आपके विनम्र शब्दों के लिए शुक्रिया, लेकिन मैं यहीं रहना चाहूंगी.” विक्टर ओरबन ने भी रिप्लाई करते हुए लिखा, “यह सुनकर दुख तो हुआ, लेकिन मैं समझ सकता हूं. ऐसे ही अच्छा काम करती रहिए.” देखते ही देखते यह छोटा-सा क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और व्हाइट हाउस के उस दिन की सबसे बड़ी ‘हाइलाइट’ बन गया.

क्यों खास हैं कैरोलाइन लैविट?

कैरोलाइन लैविट को अमेरिका की “यंगेस्ट प्रेस सेक्रेटरी” कहा जाता है. सिर्फ 27 साल की उम्र में उन्होंने ट्रंप कैंपेन की प्रेस टीम की बागडोर संभाली और अपनी बेबाकी, राजनीतिक समझ और मीडिया हैंडलिंग से सबका ध्यान खींचा. उनका सीधा-सादा सिद्धांत है, “अगर सच्चाई कहनी है, तो बिना डर के कहो.”

“कैरोलाइन हमारी टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं”

बाद में ट्रंप ने भी मुस्कुराते हुए मीडिया से कहा, “विक्टर को मैं समझ सकता हूं, क्योंकि कैरोलाइन जैसी प्रेस सेक्रेटरी कोई भी चाहेगा. लेकिन ये हमारी टीम की ताकत हैं, और यहीं रहेंगी.” इस घटना ने न सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस को मज़ेदार बना दिया, बल्कि दिखा दिया कि राजनीति के गंभीर माहौल में भी कभी-कभी एक मुस्कान सब कुछ हल्का कर सकती है.

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