Biometric Pay in india: डिजिटल पेमेंट की दुनिया में अब एक नया अध्याय जुड़ चुका है. जहां पहले UPI, QR कोड और कार्ड के ज़रिए लेन-देन आम था, वहीं अब तकनीक ने एक और बड़ी छलांग लगाई है. अब आप सिर्फ अपने अंगूठे की पहचान से भी पेमेंट कर पाएंगे न फोन की जरूरत, न कार्ड की, और न ही कैश की.
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर काम करने वाले स्टार्टअप Proxgy ने भारत में ThumbPay नाम से एक बायोमेट्रिक पेमेंट डिवाइस लॉन्च किया है, जो आधार और UPI के कॉम्बिनेशन पर आधारित है. यह तकनीक खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार की गई है जो स्मार्टफोन या डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल नहीं करते, जैसे बुजुर्ग, ग्रामीण व्यापारी और छोटे दुकानदार.
कैसे काम करता है ThumbPay?
ThumbPay में लगा है एक सर्टिफाइड फिंगरप्रिंट स्कैनर, जो आपकी उंगली की पहचान के बाद सीधे Aadhaar Enabled Payment System (AEPS) से जुड़ता है. इसके बाद यह UPI के माध्यम से तुरंत बैंक-टू-बैंक ट्रांजैक्शन करता है.
कोई ऐप खोलने की जरूरत नहीं
दरअसल इससे पहले तक हमें पेमंट करने के लिए या तो नंबर डालने की या फिर QR स्कैन करने की आवश्यकता पड़ती थी. लेकिन अब QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं है. मोबाइल नेटवर्क की सीमाओं के बावजूद ट्रांजैक्शन संभव होगा. बस अंगूठा रखा, आधार से पहचान हुई, और पेमेंट हो गया.
फीचर्स जो बनाते हैं इसे खास
ThumbPay सिर्फ फिंगरप्रिंट स्कैनर नहीं है. इसमें कई एडवांस फीचर्स शामिल किए गए हैं.
कितनी है ThumbPay की कीमत?
2,000 रुपये से भी कम कीमत में मिलने वाला यह डिवाइस न सिर्फ किफायती है, बल्कि तकनीकी रूप से भी काफी सक्षम है. इसे इस्तेमाल करने के लिए कोई अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है, बस आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक होना चाहिए.
किनके लिए है यह डिवाइस सबसे उपयोगी?
बुजुर्ग, जिन्हें स्मार्टफोन चलाने में कठिनाई होती है. गांवों के दुकानदार, जिनके पास डिजिटल साधन सीमित हैं. रोजमर्रा के छोटे कारोबारी, जो तेज और सरल पेमेंट सिस्टम चाहते हैं. कस्टमर, जिन्हें बिना किसी झंझट के पेमेंट करना हो.
कहां तक पहुंचा ThumbPay?
Proxgy ने ThumbPay के साथ पायलट प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और अब यह UIDAI और NPCI की अनुपालन जांच की प्रक्रिया में है. इसके बाद इसे बैंकों और फिनटेक कंपनियों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर लॉन्च किया जाएगा. Proxgy के फाउंडर और CEO पुलकित अहूजा का कहना है, “हम UPI को सच में लोगों की उंगलियों तक लाना चाहते हैं. यह समाधान उन करोड़ों भारतीयों के लिए है जो अब तक डिजिटल पेमेंट से वंचित थे.”
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