मैसेज असली या नकली... TRAI ने बताया पहचान करने का सॉलिड तरीका, फ्रॉड से बचना है तो जरूर जान लें

इन दिनों फेक मैसेजेस की बाढ़ आ गई है, जिनमें लोगों को झांसा देकर उन्हें धोखा दिया जाता है. ऐसे में भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है.

TRAI provides tips to help identify real or fake messages and avoid fraud
Image Source: Freepik

आजकल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है, और इसके साथ ही फ्रॉड के तरीके भी अधिक हो गए हैं. इन दिनों फेक मैसेजेस की बाढ़ आ गई है, जिनमें लोगों को झांसा देकर उन्हें धोखा दिया जाता है. ऐसे में भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में TRAI ने बताया है कि कैसे आप असली और नकली मैसेज के बीच अंतर पहचान सकते हैं.

कैसे पहचानें असली मैसेज?

TRAI ने अपनी पोस्ट में यह साफ किया कि सभी मैसेज सच नहीं होते हैं. कोई भी व्यक्ति आसानी से एक आधिकारिक दिखने वाला मैसेज बना सकता है. लेकिन कुछ विशेष शब्द या Suffixes (आखिर में लगने वाला शब्द) होते हैं, जिनका इस्तेमाल असली मैसेज के हेडर में किया जाता है. इन शब्दों को समझकर आप आसानी से पहचान सकते हैं कि जो मैसेज आपको मिल रहा है, वह असली है या नहीं.

TRAI ने जो Suffixes बताए हैं, वो हैं:

P (प्रॉमोशनल) – ये उन मैसेजेस के लिए होते हैं जो प्रमोशन से संबंधित होते हैं.

S (सर्विस) – ये सर्विस संबंधी मैसेजेस के लिए होते हैं.

T (ट्रांजैक्शनल) – ये ट्रांजैक्शन संबंधी मैसेजेस होते हैं.

G (गवर्नमेंट) – ये सरकारी संस्थाओं द्वारा भेजे जाने वाले मैसेजेस के लिए होते हैं.

अगर किसी मैसेज के हेडर में इनमें से कोई भी शब्द शामिल हो, तो वह मैसेज असली और जेनुइन माना जा सकता है.

डर और लालच का सहारा

आजकल के फ्रॉड करने वाले लोगों के पास ढेर सारी तकनीकें होती हैं, जिनके माध्यम से वे लोगों को फंसाते हैं. इनमें से कुछ सबसे आम तरीके यह हैं:

KYC अपडेट न करने का डर – अक्सर धोखेबाज मैसेज भेजकर कहते हैं कि अगर आपने KYC नहीं किया तो आपका अकाउंट बंद हो जाएगा. इस तरह के मैसेज का उद्देश्य केवल आपका डर बढ़ाना और आपको लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर करना है.

लॉटरी जीतने का लालच – "आपने 50 लाख की लॉटरी जीती है, लिंक पर क्लिक करें और अपनी बैंक डिटेल्स भरें" जैसे मैसेज भी फ्रॉड करने वाले भेजते हैं. यह एक आम तरीका है जिससे वे आपके बैंक डिटेल्स प्राप्त कर लेते हैं और आपका अकाउंट खाली कर सकते हैं. अगर कभी भी आपको ऐसा कोई मैसेज मिले, तो बिना किसी देरी के उसे इग्नोर करें. ऐसे मैसेजेज से दूर रहना ही सबसे अच्छा है.

मैसेज की सत्यता कैसे जांचें?

TRAI ने इस पोस्ट के साथ एक और खास जानकारी दी है. अब आप आसानी से यह जांच सकते हैं कि कोई एसएमएस असली है या नहीं. इसके लिए TRAI ने एक वेबसाइट smsheader.trai.gov.in का लिंक भी दिया है. इस लिंक पर जाकर आप अपने रिसीव किए गए एसएमएस को आसानी से वेरिफाई कर सकते हैं. इससे आपको मैसेज की सच्चाई जानने में मदद मिलेगी.

ये भी पढ़ें: बिना इंटरनेट भी लोकेशन दिखाएगा Google Maps, हर कोई नहीं जानता ये दमदार फीचर, आप तुरंत जान लें