अमेरिका छोड़कर जाओ, 2 लाख रुपये पाओ... ट्रंप प्रशासन किन लोगों को दे रहा ये बड़ा ऑफर?

अमेरिका में प्रवासी बच्चों की स्थिति को लेकर एक नई नीति ने बहस छेड़ दी है. ट्रंप प्रशासन अब अकेले (unaccompanied) प्रवासी बच्चों को स्वेच्छा से अपने देश लौटने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे रहा है.

Trump administration offers payout to unaccompanied migrant kids for voluntary deportation
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वाशिंगटन: अमेरिका में प्रवासी बच्चों की स्थिति को लेकर एक नई नीति ने बहस छेड़ दी है. ट्रंप प्रशासन अब अकेले (unaccompanied) प्रवासी बच्चों को स्वेच्छा से अपने देश लौटने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे रहा है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब अमेरिका में प्रवासन नीतियों को लेकर माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है.

क्या है योजना? 2,500 डॉलर की मदद

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और ऑफिस ऑफ रिफ्यूजी रिसेटलमेंट ने शेल्टरों को एक पत्र भेजा है, जिसमें बताया गया कि 14 वर्ष या उससे अधिक उम्र के प्रवासी बच्चों को 2,500 डॉलर (लगभग ₹2.22 लाख) दिए जाएंगे, अगर वे स्वेच्छा से अमेरिका छोड़कर अपने देश वापस लौटने को तैयार होते हैं. यह रकम "रीसेटेलमेंट सपोर्ट स्टाइपेंड" के रूप में दी जाएगी.

किसे मिलेगा यह प्रोत्साहन?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगा, जो अमेरिका में बिना माता-पिता या अभिभावक के पकड़े गए हैं और फिलहाल सरकारी शेल्टरों में रह रहे हैं. शुरुआत में यह योजना 17 साल तक के बच्चों के लिए लागू की गई है. हालांकि, मेक्सिको से आए बच्चे इस योजना के पात्र नहीं होंगे. एक अधिकारी ने बताया कि वे बच्चे जो इस योजना की घोषणा से पहले ही अमेरिका छोड़ने की इच्छा जता चुके हैं, उन्हें भी यह सहायता दी जाएगी, बशर्ते इमिग्रेशन जज से मंजूरी मिले और वे सुरक्षित ढंग से अपने देश लौटें.

ट्रंप प्रशासन की व्यापक रणनीति का हिस्सा

यह प्रस्ताव स्वैच्छिक निर्वासन को बढ़ावा देने की ट्रंप प्रशासन की बड़ी योजना का हिस्सा है. इससे पहले इस साल DHS ने वयस्क प्रवासियों को स्वेच्छा से वापस लौटने के लिए 1,000 डॉलर का स्टाइपेंड देने की पेशकश की थी. यह योजना अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए $250 मिलियन के फंड ट्रांसफर के जरिए चलाई गई थी.

मानवाधिकार संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया

इस योजना को लेकर इमिग्रेशन एडवोकेट्स और मानवाधिकार संगठनों ने तीखा विरोध जताया है. “Kids in Need of Defense (KIND)” संस्था की अध्यक्ष वेंडी यंग ने इसे “क्रूर और खतरनाक रणनीति” बताया, जो बच्चों की कानूनी सुरक्षा को कमजोर करती है. उन्होंने कहा, “ये बच्चे अपने देश में हिंसा और खतरों से भागकर अमेरिका में सुरक्षा की उम्मीद में आए हैं, लेकिन अब इन्हें आर्थिक लालच देकर वापस भेजा जा रहा है, जहां उनकी जान को खतरा हो सकता है.”

HHS ने किया योजना का बचाव

विवादों के बीच, अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (HHS) ने इस योजना को सही ठहराते हुए कहा कि यह बच्चों को अपने भविष्य के लिए "एक बेहतर और सूचित विकल्प चुनने का अवसर देता है." कम्युनिकेशन डायरेक्टर एंड्रयू निक्सन ने कहा कि यह पूरी तरह स्वैच्छिक है और बच्चों को मजबूर नहीं किया जा रहा.

कितने बच्चे हैं हिरासत में?

गुरुवार तक की रिपोर्ट के अनुसार, 2,100 से अधिक अनअकंपनिड बच्चे अभी भी अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग की हिरासत में हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 2019 से अब तक 6 लाख से अधिक ऐसे बच्चे अमेरिका-मेक्सिको सीमा पार कर चुके हैं, जिनके साथ कोई अभिभावक नहीं था.

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