Khabarovsk Russia Nuclear Submarine: रूस ने अपनी नौसैनिक ताकत को और बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. खबरोवस्क नाम की नई न्यूक्लियर पनडुब्बी को हाल ही में लॉन्च किया गया, जो पोसाइडन न्यूक्लियर अंडरवाटर ड्रोन के संचालन के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई है. पोसाइडन ड्रोन को अक्सर "डूम्सडे मिसाइल" के रूप में संदर्भित किया जाता है क्योंकि इसकी क्षमता समुद्र तट के पास स्थित क्षेत्रों पर गंभीर खतरा पैदा करने की मानी जाती है.
खबरोवस्क एक भारी न्यूक्लियर-पावर्ड मिसाइल क्रूजर है. यह पूरी तरह से पानी के नीचे काम करने वाली पनडुब्बी है और इसे रूस की नौसेना के लिए सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो ऑफ़ मरीन इंजीनियरिंग रुबिन ने डिज़ाइन किया है. यह पनडुब्बी पोसाइडन ड्रोन को लॉन्च करने और नियंत्रित करने में सक्षम है.
🇷🇺#𝐑𝐮𝐬𝐬𝐢𝐚 𝐋𝐚𝐮𝐧𝐜𝐡𝐞𝐬 𝐊𝐡𝐚𝐛𝐚𝐫𝐨𝐯𝐬𝐤 𝐍𝐮𝐜𝐥𝐞𝐚𝐫 𝐒𝐮𝐛𝐦𝐚𝐫𝐢𝐧𝐞
— All India Radio News (@airnewsalerts) November 2, 2025
Russia launches its newest nuclear submarine 'Khabarovsk’ designed to carry the underwater nuclear drone 'Poseidon', also known as 'doomsday missile', capable of intercontinental travel and… pic.twitter.com/ftsJ12Dbfq
पोसीडन ड्रोन एक न्यूक्लियर-पावर्ड अंडरवाटर वाहन है, जो पारंपरिक टॉरपीडो या मिसाइल से कहीं अधिक खतरनाक माना जाता है. इसकी गति 186 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है और यह गहरे समुद्र में लंबी दूरी तय कर सकता है. रूसियों का कहना है कि इस ड्रोन का प्रयोग रेडियोएक्टिव सुनामी जैसी स्थिति उत्पन्न करने के लिए किया जा सकता है, जिससे तटीय इलाकों को भारी नुकसान पहुँचाया जा सकता है.
लॉन्च समारोह
खनदरोवस्क पनडुब्बी का लॉन्च शनिवार रात सेवमाश शिपयार्ड्स, सेवरोडविंस्क, रूस में हुआ. रूस के डिफेंस मिनिस्टर आंद्रेई बेलौसोव ने इस समारोह का नेतृत्व किया. समारोह में रूसी नेवल चीफ एडमिरल अलेक्जेंडर मोइसेयेव और कई वरिष्ठ शिपबिल्डिंग अधिकारी भी मौजूद थे. बेलौसोव ने कहा कि यह रूस के लिए ऐतिहासिक क्षण है और खबरोवस्क पनडुब्बी रूस की नौसेना की ताकत और समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी.
तकनीकी विशेषताएँ
न्यूक्लियर पावर: खबरोवस्क में न्यूक्लियर रिएक्टर है, जो इसे लंबी अवधि तक पानी के नीचे संचालित करने की क्षमता देता है.
हथियार प्रणाली: पनडुब्बी में आधुनिक अंडरवाटर हथियार और रोबोटिक सिस्टम लगाए गए हैं. यह रूस की समुद्री सीमाओं की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा में मदद करेगा.
पोसीडन ड्रोन: यह ड्रोन पनडुब्बी से लॉन्च होगा. हाल ही में रूस ने इसका सफल परीक्षण किया. ड्रोन की न्यूक्लियर शक्ति बेहद छोटे रिएक्टर से संचालित होती है.
तेज गति और लंबी दूरी: पोसाइडन ड्रोन पारंपरिक सबमरीन और टॉरपीडो की तुलना में काफी तेज है और इंटरकॉन्टिनेंटल दूरी तय कर सकता है. रूस के अधिकारियों ने इसे "डूम्सडे मिसाइल" भी कहा है, क्योंकि इसकी क्षमताओं के चलते यह समुद्री तटों पर भारी विनाश कर सकता है.
रूस के लिए महत्व
खबरोवस्क और पोसाइडन ड्रोन रूस की समुद्री ताकत को न केवल बढ़ाते हैं, बल्कि यह रणनीतिक रूप से भी अहम हैं.
पिछले परीक्षण और भविष्य
रूस ने हाल ही में पोसाइडन ड्रोन का सफल परीक्षण भी किया था. इसके पहले बुरेवेस्टनिक मिसाइल का परीक्षण किया गया, जिससे रूस की न्यूक्लियर क्षमताओं की दुनिया को जानकारी मिली. खबरोवस्क पनडुब्बी के लॉन्च के बाद इसे विभिन्न तकनीकी परीक्षणों और प्रशिक्षण अभ्यासों के लिए तैयार किया जाएगा. रूस की यह नई पनडुब्बी और पोसाइडन ड्रोन दोनों ही देश की समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.