ट्रंप ने मादुरो को पकड़ा तो पुतिन के पास गईं वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति, फिर आमने-सामने रूस-अमेरिका

वेनेजुएला में सत्ता को लेकर पैदा हुआ ताज़ा संकट अब सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह सीधे तौर पर अमेरिका और रूस के बीच नई भू-राजनीतिक टकराव की वजह बनता दिख रहा है.

Trump caught Maduro Venezuela Vice President went to Putin
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वेनेजुएला में सत्ता को लेकर पैदा हुआ ताज़ा संकट अब सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह सीधे तौर पर अमेरिका और रूस के बीच नई भू-राजनीतिक टकराव की वजह बनता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हुई सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई है.

अमेरिकी कार्रवाई के तुरंत बाद यह जानकारी सामने आई कि वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज देश से बाहर हैं और फिलहाल रूस में मौजूद हैं. इस घटनाक्रम ने संकेत दे दिए हैं कि संकट अब वैश्विक स्तर पर खिंच सकता है.

रूस पहुंचीं डेल्सी रोड्रिगेज, समर्थन की तलाश शुरू

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से बताया गया है कि डेल्सी रोड्रिगेज रूस पहुंच चुकी हैं. उनकी गतिविधियों से परिचित चार अलग-अलग सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. माना जा रहा है कि वे मॉस्को में राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि अमेरिकी दबाव का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाब दिया जा सके.

शनिवार को डेल्सी रोड्रिगेज ने वेनेजुएला के सरकारी टेलीविजन पर एक ऑडियो संदेश जारी किया. इस संदेश में उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को “अपहरण” करार देते हुए निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के जीवित होने का प्रमाण मांगा. उन्होंने दोहराया कि मादुरो ही वेनेजुएला के वैध और संवैधानिक राष्ट्रपति हैं.

डेल्सी रोड्रिगेज बनेंगी कार्यवाहक राष्ट्रपति

इस बीच वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने देश के भीतर सत्ता को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. संवैधानिक पीठ ने आदेश दिया है कि राष्ट्रपति की अनुपस्थिति की स्थिति में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगी.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह कदम देश की प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए जरूरी है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रपति की “जबरन गैरमौजूदगी” की स्थिति में किस तरह संवैधानिक ढांचे को लागू किया जाए, इस पर आगे विचार किया जाएगा.

इधर, डेल्सी रोड्रिगेज के भाई और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज अब भी कराकस में मौजूद बताए जा रहे हैं, लेकिन हमले के बाद से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. इससे सरकार के भीतर अनिश्चितता और बढ़ गई है.

क्या अमेरिका संभालेगा वेनेजुएला की कमान?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद साफ कहा है कि वेनेजुएला को अस्थायी रूप से अमेरिकी नियंत्रण में रखा जाएगा. उनके अनुसार, जब तक वहां “सुरक्षित और व्यवस्थित” सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका देश के प्रशासन में भूमिका निभाएगा.

ट्रंप ने यह भी घोषणा की है कि अमेरिकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में काम करने की अनुमति दी जाएगी. उनका दावा है कि इससे देश के बुरी तरह जर्जर हो चुके ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा किया जा सकेगा.

मादुरो की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी प्रक्रिया

निकोलस मादुरो को कराकस में एक सैन्य ठिकाने के पास से हिरासत में लिया गया था. इस ऑपरेशन के दौरान राजधानी के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. मादुरो और उनकी पत्नी को पहले अमेरिकी नौसेना के एक जहाज पर ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें अमेरिका रवाना कर दिया गया.

फिलहाल मादुरो न्यूयॉर्क में हिरासत में हैं, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म, कोकीन तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाने की तैयारी है. अमेरिका इससे पहले भी मादुरो की गिरफ्तारी पर 15 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर चुका था.

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