ट्रंप का सबसे बड़ा दुश्मन, एर्दोआन का दोस्त... क्या मादुरो को शरण देने की तैयारी में है तुर्की?

US Venezuela Conflicts: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो इस समय अमेरिका की कड़ी घेराबंदी और राजनीतिक दबाव से जूझ रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, मादुरो अब तुर्की में शरण लेने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.

Trump Erdoğan Türkiye preparing to give asylum to Maduro Know speculations are happening
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US Venezuela Conflicts: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो इस समय अमेरिका की कड़ी घेराबंदी और राजनीतिक दबाव से जूझ रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, मादुरो अब तुर्की में शरण लेने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि मादुरो इंस्ताबुल के लिए रवाना हो सकते हैं, बशर्ते तुर्की उन्हें प्रत्यर्पण से बचाने की गारंटी दे. मादुरो और तुर्की के राष्ट्रपति रैसप तैय्यप एर्दोआन के बीच घनिष्ठ मित्रता मानी जाती है, और यही कनेक्शन मादुरो के लिए शरण के इस विकल्प को संभव बना सकता है.

अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने वेनेजुएला पर ड्रग्स तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के बहाने कठोर घेराबंदी लगा दी है. अमेरिकी नौसेना के शक्तिशाली जहाज यूएस गेराल्ड की तैनाती और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य दबाव के कारण मादुरो की सरकार बेहद संवेदनशील स्थिति में है. माना जा रहा है कि अमेरिका किसी भी समय सैन्य कार्रवाई कर सकता है, जिससे मादुरो की सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

अमेरिका का सहयोगी, लेकिन मादुरो का संभावित सहारा

दिलचस्प बात यह है कि तुर्की NATO का सदस्य है और अमेरिका के सहयोगी देशों में शुमार है. फिर भी मादुरो और एर्दोआन के बीच की व्यक्तिगत मित्रता इसे एक असामान्य राजनीतिक मोड़ बनाती है. अगर तुर्की मादुरो को प्रत्यर्पण न करने की गारंटी देती है, तो यह अमेरिका की इच्छाओं के खिलाफ एक बड़ा संदेश होगा.

अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन मादुरो

अमेरिका मादुरो को अपनी विदेश नीति का प्रमुख विरोधी मानता है. मादुरो पर आरोप है कि वे ड्रग्स तस्करों को संरक्षण देते हैं. अमेरिका ने मादुरो के लिए 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया है, जो पहले अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और आईएसआईएस सरगना अबु बकर अल-बगदादी जैसी हस्तियों पर रखा गया था.

अमेरिका की रणनीति मादुरो को हर हाल में न्यूट्रलाइज्ड करने की है. CIA को उनके खिलाफ विशेष ऑपरेशन चलाने का निर्देश दिया गया है, जिसका सीधा मॉनिटरिंग खुद तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे थे.

भीतरी खतरे और राजनीति का दबाव

मादुरो की समस्या केवल अमेरिका की घेराबंदी तक सीमित नहीं है. ब्रिटेन की टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार मादुरो को भीतरी खतरे का भी डर सता रहा है. सत्ता के शीर्ष पर लंबे समय तक बने रहने के कारण मादुरो को अपने ही करीबी सहयोगियों पर शक है. इस तनाव के चलते 63 वर्षीय मादुरो को नींद की कमी और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है.

मादुरो और चावेज़ की विरासत

निकोलस मादुरो को वेनेजुएला के क्रांतिकारी नेता ह्यूगो चावेज़ का उत्तराधिकारी माना जाता है. चावेज़ की तरह मादुरो भी अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख रखते हैं. 2013 में सत्ता संभालने के बाद से मादुरो ने अपनी नीतियों में देश की सांप्रदायिक और राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने की कोशिश की है, लेकिन अमेरिका ने ट्रंप प्रशासन के दौरान लगातार उनकी आर्थिक और राजनीतिक सीमाओं को सीमित किया.

तुर्की शरण: मादुरो के लिए नया विकल्प

यदि मादुरो तुर्की शरण लेते हैं, तो यह एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक घटना होगी. यह अमेरिका के दबाव के खिलाफ मादुरो की रणनीति का हिस्सा होगा और तुर्की की अंतरराष्ट्रीय भूमिका और NATO सहयोग पर भी प्रश्न उठाएगा. ऐसे में निकट भविष्य में मादुरो और एर्दोआन के बीच होने वाली वार्ता को वैश्विक नजरों से देखा जा रहा है.

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