US Ukraine Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को निशाने पर लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा भेजी गई भारी मदद के बावजूद, यूक्रेन की नेतृत्व टीम ने कभी इसका आभार व्यक्त नहीं किया. ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी प्रयासों और संसाधनों को कभी वैसा सम्मान नहीं मिला, जिसके वे खुद को हकदार मानते हैं.
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने यूक्रेन-रूस युद्ध के समाधान के लिए एक संभावित शांति योजना पेश की है. इस योजना के तहत जेनेवा में अमेरिका, यूरोपीय संघ और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत चल रही है. अमेरिका की ओर से विदेश मंत्री मार्को रुबियो और स्टीव विटकॉफ इस वार्ता में शामिल हैं, जबकि यूक्रेन की ओर से एंड्री येरमाक प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
ट्रंप का सोशल मीडिया बयान, यूक्रेन और यूरोप को निशाना
ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि अमेरिका लगातार हथियार और वित्तीय मदद भेज रहा है, लेकिन यूक्रेन की नेतृत्व टीम ने कभी इसका आभार व्यक्त नहीं किया. उनका कहना था कि यूक्रेन ने अमेरिकी योगदान के लिए “जीरो ग्रैटिट्यूड” दिखाया.
इसके साथ ही, ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर भी हमला किया. उन्होंने कहा कि यूरोप युद्ध की सार्वजनिक रूप से निंदा करता है, लेकिन रूस से तेल और ऊर्जा खरीदकर पुतिन की अर्थव्यवस्था को सहारा देता है. जबकि अमेरिका अपने करदाताओं के पैसे और हथियार यूक्रेन को भेज रहा है, लेकिन यूरोप इस संघर्ष में अपेक्षित योगदान नहीं दे रहा.
2020 चुनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध
ट्रंप ने एक बार फिर दावा दोहराया कि अगर 2020 का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव निष्पक्ष और वैध होता, तो रूस-यूक्रेन युद्ध कभी नहीं होता. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में इस युद्ध का नाम तक नहीं लिया गया था. ट्रंप के अनुसार, युद्ध के कारण लाखों लोगों की जानें चली गईं और यह संघर्ष सभी पक्षों के लिए विनाशकारी साबित हुआ.
उनका यह भी मानना है कि यूक्रेन युद्ध अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए हानिकारक रहा. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हमेशा शांति और रणनीतिक समाधान की दिशा में काम किया, लेकिन वर्तमान प्रशासन की कार्रवाई उनके अनुसार “असंगठित और बिना रणनीति” वाली रही.
बाइडेन प्रशासन और NATO पर तंज
पूर्व राष्ट्रपति ने वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी तंज कसा और उन्हें "स्लीपी जो" कहा. ट्रंप के अनुसार, बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन को हथियार और मदद मुफ्त में प्रदान कर दी, जिससे अमेरिकी हितों को नुकसान हुआ.
उन्होंने NATO को भी अपने निशाने पर लिया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने NATO को लाखों डॉलर के हथियार उपलब्ध कराए, जिनका उपयोग बाद में यूक्रेन युद्ध में हुआ. उनके अनुसार, यह सब बिना किसी स्पष्ट रणनीति के किया गया.
यूरोपीय देशों पर कटाक्ष
ट्रंप ने यूरोपीय देशों को पाखंडी बताया. उनका कहना था कि यूरोप युद्ध पर अमेरिका से सख्त बयान देता है, लेकिन रूस से ऊर्जा खरीदता रहता है. इस तरह वे रूस की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं और अमेरिकी करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं. ट्रंप के अनुसार, यदि अमेरिका ने हथियार नहीं भेजे होते, तो यूक्रेन इस युद्ध की स्थिति में नहीं आता.
क्रेडिट और सम्मान को लेकर ट्रंप की संवेदनशीलता
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने क्रेडिट न मिलने पर नाराजगी जताई है. उनके करीबी मानते हैं कि ट्रंप हमेशा अपने प्रयासों के उचित सम्मान को लेकर संवेदनशील रहते हैं.
अतीत में, उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और समझौतों में यही भावना जताई है. उदाहरण के लिए:
ट्रंप ने कई बार कहा कि इन मामलों में उनके प्रयासों के लिए मीडिया या अंतरराष्ट्रीय मंचों से पर्याप्त सराहना या क्रेडिट नहीं मिला. उनके अनुसार, यह हमेशा उन्हें खीज देता रहा.
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