US-Qatar Relations: 9 सितंबर को दोहा में इजरायल द्वारा किया गया एक हवाई हमला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तूफान ला गया. इजरायली ड्रोन ने हमास के नेताओं को निशाना बनाते हुए कतर की राजधानी में हमला किया, जिसे लेकर कतर और अमेरिका दोनों ने कड़ी आपत्ति जताई है.
हमले के कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अहम कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें अमेरिका ने कतर की सुरक्षा की गारंटी देने की बात कही है. इस आदेश के तहत यदि कतर पर कोई और सैन्य हमला होता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करेगा.
ट्रंप ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका और कतर के बीच गहरा सहयोग है. कतर पर किसी भी बाहरी हमले की स्थिति में अमेरिका उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेगा."
कतर-अमेरिका रिश्ते क्यों अहम हैं?
मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा कतर में ही है, अल उदीद एयरबेस. यह सैन्य अड्डा अमेरिकी सेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है और दशकों से अमेरिका के क्षेत्रीय अभियानों का केंद्र रहा है.
हमले में मारा गया कतर का अधिकारी
इजरायल ने दावा किया कि दोहा में यह हमला हमास के नेताओं की उस बैठक को निशाना बनाकर किया गया, जो अमेरिका समर्थित युद्धविराम प्रस्ताव पर चर्चा के लिए हो रही थी. हालांकि, इस हमले में किसी वरिष्ठ हमास नेता की मौत नहीं हुई, लेकिन कतर का एक सुरक्षा अधिकारी मारा गया.
ट्रंप की नाराज़गी और नेतन्याहू की सफाई
इस हमले से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बेहद नाखुश हैं. उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से न केवल नाराजगी जताई, बल्कि गाजा में तत्काल युद्धविराम की भी मांग की. सूत्रों के मुताबिक, व्हाइट हाउस से फोन पर बातचीत में नेतन्याहू ने कतर के प्रधानमंत्री से हमले के लिए खेद भी जताया है.
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