Trump vs Obama: अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य में एक बार फिर पुराने चेहरे चर्चा में हैं. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने राज्य और स्थानीय स्तर पर अहम जीत दर्ज की है, जिससे पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की अप्रत्यक्ष भूमिका चर्चा में आ गई है. न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव से लेकर वर्जीनिया और न्यू जर्सी के गवर्नर पद तक, डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की जीत ने संकेत दिया कि ओबामा की राजनीतिक छवि अभी भी मतदाताओं के बीच असरदार है.
हालांकि बराक ओबामा खुद चुनाव में नहीं थे, लेकिन उनके सक्रिय प्रचार ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों को मजबूती दी. न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी, वर्जीनिया की अबीगेल स्पैनबर्गर और न्यू जर्सी की मिकी शेरिल को ओबामा का समर्थन मिला. कैलिफोर्निया के रेडिस्ट्रिक्टिंग अभियान में भी उनका परोक्ष योगदान रहा. नतीजा साफ था, ट्रंप के अप्रत्यक्ष मुकाबले में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की जीत ने ओबामा की छवि को और मजबूत किया.
2028 में क्या ट्रंप vs ओबामा संभव है?
राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या 68 वर्षीय ओबामा 2028 में फिर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में उतर सकते हैं. उस समय डोनाल्ड ट्रंप 83 वर्ष के होंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, जबकि ओबामा की लोकप्रियता और राजनीतिक अनुभव उन्हें 2028 के संभावित चुनाव में प्रभावी बनाए रखेंगे.
ओबामा की वापसी और नई रणनीति
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, ओबामा अब सक्रिय राजनीति में लौटने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. उनके करीबी सहयोगियों का कहना है कि ट्रंप की प्रतिशोधी राजनीति और लोकतांत्रिक संस्थानों पर दबाव को देखते हुए ओबामा की वापसी जरूरी है. पूर्व अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने भी कहा कि अमेरिका को अब ऐसे नेताओं की जरूरत है, जो लोकतंत्र की सुरक्षा करें.
सर्वे और मतदाताओं की प्रतिक्रिया
Overton Insights के अप्रैल सर्वे में 53% मतदाताओं ने कहा कि अगर ओबामा चुनाव लड़ें तो वे उन्हें वोट देंगे, जबकि 47% ने ट्रंप को समर्थन दिया. जुलाई में डेली मेल जेएल पार्टनर्स के सर्वे में भी ओबामा ने ट्रंप को 11% अंतर से पीछे छोड़ा. ये आंकड़े दर्शाते हैं कि ओबामा की लोकप्रियता अभी भी ट्रंप से ज्यादा है.
कानूनी बाधाएं और राजनीतिक जटिलताएं
अमेरिकी संविधान का 22वां संशोधन एक व्यक्ति को दो बार राष्ट्रपति बनने की अनुमति देता है. ट्रंप समर्थक इस नियम को बायपास करने के नए रास्ते खोज रहे हैं, जबकि ओबामा पर फिलहाल कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर ट्रंप की रणनीति काम करती है, तो 2028 में ट्रंप बनाम ओबामा का मुकाबला हकीकत बन सकता है.
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