JFK Assassination Documents: अमेरिका के सबसे विवादित और रहस्यमय राजनीतिक मामलों में से एक पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी की हत्या एक बार फिर सुर्खियों में है. ताजा घटनाक्रम में रूस ने अमेरिकी अधिकारियों को ऐसे दस्तावेज सौंपे हैं जो इस ऐतिहासिक हत्या की पड़ताल को नई दिशा दे सकते हैं.
इन दस्तावेज़ों को लेकर दावा किया जा रहा है कि वे KGB (सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी) से संबंधित हैं और इनमें न केवल हत्या की अंतरराष्ट्रीय साजिश के संकेत हैं, बल्कि अमेरिका की ही कुछ रूस-विरोधी लॉबी से जुड़े प्रभावशाली चेहरों के नाम भी शामिल हो सकते हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देने की बात कही है और रूस पर तीखे प्रहार किए हैं. ऐसे में क्रेमलिन द्वारा यह “फाइल बम” छोड़े जाने को कई विश्लेषक भू-राजनीतिक चाल मान रहे हैं, जो अमेरिका की आंतरिक राजनीति को प्रभावित कर सकती है.
क्या कहती हैं नई JFK फाइलें?
रूसी खुफिया एजेंसी KGB से जुड़े ये फाइलें 1963 में केनेडी की हत्या से जुड़े नई सूचनाओं को उजागर करने का दावा करती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, इन दस्तावेजों में ली हार्वे ऑस्वाल्ड की भूमिका से परे जाकर संभवत: एक बहु-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय साजिश का संकेत मिलता है.
कुछ अमेरिकी राजनेताओं और लॉबिस्ट के नामों का भी संदर्भ हो सकता है, जो उस दौर में रूस विरोधी एजेंडा चला रहे थे. अब तक की आधिकारिक रिपोर्टों में जिन बातों को नजरअंदाज़ किया गया था, वे इन फाइलों में सामने आ सकती हैं. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन इतना तय है कि यह मामला अब फिर से वैश्विक राजनीतिक बहस का विषय बन गया है.
सांसद एना पॉलिना लूना का बयान
फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सांसद एना पॉलिना लूना ने इस पूरे मामले को और गर्मा दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि उन्हें रूसी राजदूत की ओर से JFK की हत्या पर आधारित 350 पन्नों की रिपोर्ट की एक हार्ड कॉपी प्राप्त हुई है.
लूना ने अपने बयान में कहा, “एक विशेषज्ञ टीम सुबह मेरे कार्यालय आएगी ताकि दस्तावेजों का अनुवाद और विश्लेषण किया जा सके. यह ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है.” उन्होंने यह भी वादा किया कि दस्तावेजों को समीक्षा के बाद सार्वजनिक किया जाएगा. उन्होंने रूस के दूतावास को इसके लिए धन्यवाद भी दिया.
ट्रंप का अधूरा वादा
यह मामला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस पुराने वादे को भी ताज़ा करता है, जिसमें उन्होंने JFK फाइल्स को पूरी तरह सार्वजनिक करने की बात कही थी. हालांकि उन्होंने कुछ फाइलें जारी की थीं, लेकिन अनेक दस्तावेज आज भी गोपनीय बने हुए हैं.
आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने इस संवेदनशील विषय पर पारदर्शिता बरतने की बजाय दबाव में आकर कई रिपोर्टों को रोके रखा. अब जबकि रूस की ओर से नई फाइलें सामने लाई जा रही हैं, ट्रंप की पिछली नीति पर सवाल उठने लगे हैं और यह मामला उनकी राजनीतिक रणनीति पर असर डाल सकता है.
क्या फिर खुलेगा इतिहास का सबसे गूढ़ अध्याय?
जॉन एफ. केनेडी की हत्या 20वीं सदी की सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक थी. 22 नवंबर 1963 को, डलास (टेक्सास) में, एक खुली कार में सवार अमेरिकी राष्ट्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. ली हार्वे ऑस्वाल्ड को मुख्य आरोपी माना गया, लेकिन बहुत से लोगों ने इस निष्कर्ष पर कभी भरोसा नहीं किया.
दशकों से यह सवाल उठता रहा है कि क्या यह एक अकेले व्यक्ति की करतूत थी या इसके पीछे एक बड़ी साजिश छिपी थी? रूस से आए दस्तावेज़ इस रहस्य की परतें खोल सकते हैं, या शायद नया रहस्य जोड़ सकते हैं.
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