ट्रंप को लगा बड़ा झटका! गाजा पीस प्लान बनाने वाला सहयोगी छोड़ सकता है साथ, जानें वजह

Steve Witkoff: मध्य पूर्व में डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीतिक पहलों की रीढ़ माने जाने वाले शांतिदूत स्टीव विटकॉफ के प्रशासन से अलग होने की खबरें सामने आ रही हैं. यदि यह सच साबित होता है, तो यह ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति और खासकर उसके 'पीस मिशन' के लिए एक बड़ा झटका माना जाएगा.

Trump suffers major setback Gaza peace plan ally Steve Witkoff may abandon him
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Steve Witkoff: मध्य पूर्व में डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीतिक पहलों की रीढ़ माने जाने वाले शांतिदूत स्टीव विटकॉफ के प्रशासन से अलग होने की खबरें सामने आ रही हैं. यदि यह सच साबित होता है, तो यह ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति और खासकर उसके 'पीस मिशन' के लिए एक बड़ा झटका माना जाएगा.

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस से जुड़े दो वरिष्ठ सूत्रों ने पुष्टि की है कि विटकॉफ अपने रियल एस्टेट कारोबार पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने के लिए ट्रंप प्रशासन से अलग होने पर विचार कर रहे हैं.

गाजा शांति प्रक्रिया के सूत्रधार रहे हैं विटकॉफ

स्टीव विटकॉफ का नाम तब प्रमुखता से सामने आया जब हमास और इज़राइल के बीच संघर्ष के दौरान उन्होंने प्रभावी मध्यस्थता कर युद्धविराम की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया. इससे पहले भी, वे ईरान-इज़राइल टकराव को शांत करने की जिम्मेदारी निभा चुके हैं.

मध्य पूर्व के अस्थिर भू-राजनीतिक परिदृश्य में विटकॉफ को ट्रंप ने कई बार अपना प्रमुख शांति दूत नियुक्त किया, एक ऐसा कदम जिसने उन्हें वैश्विक राजनीति में एक अहम चेहरा बना दिया.

कौन हैं स्टीव विटकॉफ?

  • न्यूयॉर्क में जन्मे 68 वर्षीय स्टीव विटकॉफ शुरुआत में एक वकील थे.
  • उन्होंने 1986 में लॉ फर्म की स्थापना की, और बाद में 1997 में रियल एस्टेट कंपनी लॉन्च की.
  • उनके पास 500 से अधिक संपत्तियों का साम्राज्य है, जो अमेरिका के अलावा मध्य पूर्व में भी फैला हुआ है.
  • ट्रंप के साथ उनकी मित्रता रियल एस्टेट के दिनों से चली आ रही है, और यही रिश्ता उन्हें व्हाइट हाउस तक ले आया.

2020 में निभाई थी आर्थिक संकट से जूझते अमेरिका को संभालने की भूमिका

कोरोना महामारी के दौरान जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी, तो ट्रंप ने स्टीव विटकॉफ को आर्थिक रणनीतिकार की भूमिका सौंपी. उनका काम था, कैसे महामारी के बावजूद अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा जाए. विटकॉफ इस चुनौती पर भी खरे उतरे.

रूस-यूक्रेन युद्ध सुलझाने में भी निभा रहे हैं सक्रिय भूमिका

गाजा और ईरान-इज़राइल संघर्ष के अलावा ट्रंप ने विटकॉफ को रूस-यूक्रेन युद्ध को सुलझाने की जिम्मेदारी भी दी है. वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात भी कर चुके हैं, हालांकि अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है.

अगर हटे, तो ट्रंप की नीति पर गहरा असर पड़ेगा

अगर विटकॉफ प्रशासन से अलग होते हैं, तो यह न सिर्फ ट्रंप की विदेश नीति को कमजोर करेगा, बल्कि उनके नेतृत्व की एक मजबूत साख को भी नुकसान पहुंचा सकता है. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए तैयार हो रहे ट्रंप के लिए यह बदलाव राजनीतिक और कूटनीतिक मोर्चे पर एक गंभीर धक्का हो सकता है.

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