अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप को ब्रिटेन दौरे के समापन पर उस वक्त एक अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उनका आधिकारिक हेलिकॉप्टर ‘मरीन वन’ बीच उड़ान में ही तकनीकी खराबी का शिकार हो गया. यह घटना उस समय घटी जब वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात के बाद चेकर्स (प्रधानमंत्री का कंट्री रिट्रीट) से स्टैनस्टेड एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर चुके थे.
महज 20 मिनट की उड़ान के भीतर ही पायलटों को हेलिकॉप्टर के हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी का संकेत मिला. सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, पायलटों ने बिना समय गंवाए नजदीकी एयरफील्ड पर आपात लैंडिंग करा दी. सौभाग्य से, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और ट्रंप दंपति पूरी तरह सुरक्षित रहे.
दूसरे हेलिकॉप्टर से की आगे की यात्रा
आपात लैंडिंग के तुरंत बाद ट्रंप और मेलानिया को एक सहायक हेलिकॉप्टर में शिफ्ट किया गया, जिससे वे स्टैनस्टेड एयरपोर्ट पहुंचे. हालांकि, इस तकनीकी खामी के चलते उनकी यात्रा में थोड़ी देरी जरूर हुई. लेकिन सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पूरे अभियान को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया गया.
व्हाइट हाउस का बयान
घटना के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया,मरीन वन हेलिकॉप्टर में हाइड्रोलिक संबंधित तकनीकी समस्या आई थी, जिसकी वजह से पायलटों ने सुरक्षा के लिहाज़ से तत्काल लैंडिंग का फैसला लिया. राष्ट्रपति और प्रथम महिला अब पूरी तरह सुरक्षित हैं.”
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट
CNN और अन्य अमेरिकी मीडिया हाउस ने भी इस घटना को प्रमुखता से कवर किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप के सुरक्षा काफिले के अन्य हेलिकॉप्टर पहले से तैयार थे, जिससे आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकी.
क्या है ‘मरीन वन’?
‘मरीन वन’ अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक हेलिकॉप्टर होता है, जिसे यूएस मरीन कॉर्प्स संचालित करती है. इसमें अत्याधुनिक नेविगेशन और सुरक्षा उपकरण लगे होते हैं. हालांकि, इस बार की तकनीकी समस्या ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि कैसे सावधानी और सतर्कता किसी भी खतरे को समय रहते टाल सकती है.
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