ज़ेलेंस्की के साथ खेला करने के मूड में ट्रंप! यूक्रेनी राष्ट्रपति से पहले पुतिन से करेंगे बात, क्या रूस से डर गया अमेरिका?

Trump Putin Relations: जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी बयान या कदम उठाते हैं, तो वह हमेशा चूर-चूर विश्लेषण का विषय बन जाता है. आज वे एक ऐसी जटिल और संवेदनशील कूटनीतिक स्थिति में खड़े हैं, एक ओर रूस के साथ विवाद बढ़ाना, दूसरी ओर यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलों की पेशकश करने का इशारा देना.

Trump Zelensk speak to Putin before the Ukrainian president Is America afraid of Russia
Image Source: ANI/ File

Trump Putin Relations: जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी बयान या कदम उठाते हैं, तो वह हमेशा चूर-चूर विश्लेषण का विषय बन जाता है. आज वे एक ऐसी जटिल और संवेदनशील कूटनीतिक स्थिति में खड़े हैं, एक ओर रूस के साथ विवाद बढ़ाना, दूसरी ओर यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलों की पेशकश करने का इशारा देना.

लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ बातचीत या मीडिया प्रचार है, या ट्रंप की राजनीतिक रणनीति का एक हिस्सा? क्योंकि उन्होंने यह भी कहा है कि वो पहले रूस से बात करेंगे, फिर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से समझौता या प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और वो भी 40 मिनट की कॉल के लिए. इस कॉल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रूबियो भी शामिल होंगे.

क्या वाकई होगा हथियारों का हस्तांतरण?

बीते दिनों ट्रंप ने कहा था, “अगर रूस वार्ता की मेज पर नहीं आए, तो यूक्रेन को टॉमहॉक भेजना पड़ेगा.”लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि अभी तक इस फैसले को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. वे उम्मीद जताते हैं कि पहले यह जाना जाए कि यूक्रेन अमेरिकी हथियारों का इस्तेमाल किन लक्ष्यों पर करेगा.

यह फैसला सिर्फ सैन्य समर्थन का नहीं है, यह एक राजनीतिक संकेत भी है, यह दिखाने का कि अमेरिका अभी भी यूक्रेन के साथ है, लेकिन चतुर तरीके से.

क्या है ट्रंप की रणनीति?

पहल रूस की तरफ से:

ज़ेलेंस्की से मिलने से पहले पुतिन से बात करना यह संकेत देता है कि ट्रंप रूसी प्रतिक्रिया और रणनीति को पहले समझना चाहते हैं. युद्ध की बारीकियों, रेड लाइनों और असहमति को आमने-सामने जानना उनका मकसद हो सकता है.

मध्यस्थता का खेल:

अगर ट्रंप रूसी और यूक्रेनी दोनों तरफ से संतुलन बनाए रख सकें, तो वह खुद एक मध्यमार्गी नेता के रूप में उभर सकते हैं, जिससे अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर एक नई उपस्थिति मिल सकती है.

निर्णय करने से पहले “डाटा” लेना:

ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वह हथियारों के उपयोग के लक्ष्यों को जानने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे. यह कदम यह दिखाता है कि वे दुष्प्रयोग या अनियंत्रित हिंसा से बचना चाहते हैं.

रूस की चेतावनी और अमेरिकी दायित्वों की जटिलता

पुतिन ने तुरंत चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक सप्लाई करता है, तो यह वॉशिंगटन, मॉस्को संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा. यह सिर्फ एक हथियार सौदा नहीं है, यह सैन्य, राजनैतिक और कूटनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है.

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