नई जंग की तैयारी में तुर्की? मुस्लिम देशों के लिए जारी किया फरमान; घबराहट में नेतन्याहू!

काहिरा से उठी एक सख्त आवाज ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल मचा दी है. तुर्की ने इजरायल की गाजा पर पूर्ण कब्जे की योजना को “नरसंहारकारी और विस्तारवादी” बताते हुए न केवल इसकी खुली निंदा की, बल्कि दुनिया भर के मुस्लिम देशों को इस योजना के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होने का आह्वान किया. शनिवार को मिस्र में हुई.

Turkey order all muslims country to come together over irsael occupying gaza
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काहिरा से उठी एक सख्त आवाज ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल मचा दी है. तुर्की ने इजरायल की गाजा पर पूर्ण कब्जे की योजना को “नरसंहारकारी और विस्तारवादी” बताते हुए न केवल इसकी खुली निंदा की, बल्कि दुनिया भर के मुस्लिम देशों को इस योजना के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होने का आह्वान किया. शनिवार को मिस्र में हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि यह वक्त केवल बयानबाज़ी का नहीं, बल्कि ठोस अंतरराष्ट्रीय कदम उठाने का है.

शुक्रवार को मिस्र और तुर्की ने संयुक्त रूप से इजरायल की गाजा नीति को खतरनाक बताया. दोनों देशों ने इसे इजरायल की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह योजना क्षेत्र में स्थायी अस्थिरता और मानवाधिकारों के खुले उल्लंघन को बढ़ावा देगी. तुर्की ने जोर देकर कहा कि इस योजना को पूरा होने से रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर ठोस और सामूहिक कार्रवाई जरूरी है.

भुखमरी को हथियार बनाने का आरोप

मिस्र के अल-अलामीन शहर में मिस्री विदेश मंत्री बद्र अब्देलती के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए फिदान ने आरोप लगाया कि इजरायल की नीति का असली मकसद फिलिस्तीनियों में भुखमरी फैलाकर उन्हें उनकी ही जमीन से बेदखल करना है. उन्होंने कहा कि इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की एक आपात बैठक बुलाई जा रही है, ताकि गाजा पर स्थायी कब्जे की इस योजना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत दबाव बनाया जा सके.

"अब बहाने की कोई गुंजाइश नहीं"

फिदान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी देश के पास इजरायल का समर्थन जारी रखने का कोई वैध कारण नहीं बचा है. वहीं, इजरायल का दावा है कि गाजा में भुखमरी की कोई योजना नहीं है और युद्ध को खत्म करने का रास्ता केवल हमास के आत्मसमर्पण से ही खुल सकता है. इस पर मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलती ने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं और मिस्र-तुर्की इस मुद्दे पर पूरी तरह से एकमत हैं.

OIC की सख्त चेतावनी

मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने भी इजरायल की गाजा कब्जा योजना को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए खारिज किया. संगठन ने कहा कि यह कदम न केवल अवैध कब्जे को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में किसी भी शांति प्रक्रिया के अवसर को पूरी तरह खत्म कर देगा. OIC की समिति ने इसे “खतरनाक और अस्वीकार्य वृद्धि” करार देते हुए वैश्विक समुदाय को चेताया कि यदि इसे रोका नहीं गया तो इसका असर पूरी दुनिया में महसूस किया जाएगा.

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