पाकिस्तान का साथ देकर इन दो देशों की हुई हालत पस्त! भारत के लोगों ने लगाया ‘सॉफ्ट सैंक्शन’, दिखने लगा असर

Azerbaijan Indian Tourists Falls: भारत की चुपचाप, लेकिन प्रभावी प्रतिक्रिया ने पाकिस्तान और उसके सहयोगी देशों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रही है. जब पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के निर्दोष नागरिकों पर हमला किया और उसकी आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को गलत ठहराया, तो भारत ने शांत रहते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी.

Türkiye Azerbaijan are in dire straits after supporting Pakistan! Indians impose soft sanctions
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Azerbaijan Indian Tourists Falls: भारत की चुपचाप, लेकिन प्रभावी प्रतिक्रिया ने पाकिस्तान और उसके सहयोगी देशों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रही है. जब पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के निर्दोष नागरिकों पर हमला किया और उसकी आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को गलत ठहराया, तो भारत ने शांत रहते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी. न केवल पाकिस्तान, बल्कि उसके दोस्तों, तुर्की और अज़रबैजान को भी अब भारत की जनता का गुस्सा झेलना पड़ रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर, जो कि पाकिस्तान द्वारा किए गए आतंकी हमलों का जवाब था, ने दुनिया को यह दिखा दिया कि पाकिस्तान न सिर्फ आतंकवाद को समर्थन देता है, बल्कि अपने सहयोगियों को भी भारत के खिलाफ उकसाता है. तुर्की और अजरबैजान जैसे देशों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों की निंदा करने के बजाय उसका समर्थन किया. इसके बाद भारत की जनता ने इन देशों से जुड़ी यात्रा पर सख्त रुख अपनाया और अब इसने तुर्की और अज़रबैजान के पर्यटन उद्योग को गहरी चोट पहुंचाई है.

तुर्की और अज़रबैजान पर भारत का 'सॉफ्ट सैंक्शन'

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत के पर्यटक इन देशों के लिए कम हो गए हैं. जून और अगस्त 2025 के बीच, अज़रबैजान और तुर्की में भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है. सीएनएन-न्यूज़18 द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अज़रबैजान में भारतीय पर्यटकों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 70% की कमी आई है. वहीं, तुर्की में भी भारतीय पर्यटकों की संख्या में 38% की गिरावट दर्ज की गई.

यात्रियों के इस बहिष्कार का सीधा असर इन देशों के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है, और भारतीय ट्रैवल पोर्टल्स जैसे मेकमाईट्रिप और ईजमाईट्रिप पर भी इसके संकेत मिल रहे हैं. भारतीय नागरिक अब उन देशों के प्रति अपना गुस्सा व्यक्त करने में हिचकिचा नहीं रहे, जिन्होंने पाकिस्तान का समर्थन किया और भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर असंवेदनशील रुख अपनाया.

पाकिस्तान के आतंकवादियों की मदद करने वाले देशों के लिए यह 'अभिशाप'

ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान द्वारा किए गए पाहलगाम हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष भारतीय पर्यटकों को मारा गया था. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. पाकिस्तान ने बदले में भारत के शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, लेकिन तुर्की और अज़रबैजान ने पाकिस्तान का साथ दिया.

तुर्की ने पाकिस्तान को वह ड्रोन तकनीक मुहैया कराई, जिससे भारत के नागरिकों पर हमला किया गया, और अज़रबैजान ने खुले तौर पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर की आलोचना की. इन देशों के इस रुख के बाद, भारतीय जनता ने इन देशों के साथ पर्यटन संबंधों में कटौती का फैसला लिया.

ट्रैवल उद्योग में गिरावट के आंकड़े

अज़रबैजान में भारतीय पर्यटकों की संख्या में 70% की गिरावट देखी गई है. 2024 में जून और अगस्त के बीच 69,576 भारतीय अज़रबैजान गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 20,631 रह गई. तुर्की में भी भारतीय पर्यटकों की संख्या में 38% की कमी आई है. पिछले साल जून से अगस्त के बीच 93,963 भारतीय तुर्की गए थे, लेकिन इस साल यह संख्या घटकर 58,544 रह गई.

इस गिरावट से यह साफ दिखता है कि भारत की जनता उन देशों को सजा दे रही है, जिन्होंने पाकिस्तान का साथ दिया. भारतीयों ने यह संकेत दे दिया है कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के साथ व्यापार, यात्रा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में उनका रुख कठोर रहेगा.

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