12,000 KM की रेंज और 12 न्यूक्लियर बम... अमेरिका की वो खतरनाक मिसाइल, जिससे थर्रा उठेगी दुनिया

UGM-133 Trident II: जब बात विश्व की सबसे शक्तिशाली मिसाइलों की आती है, तो अमेरिका की ट्राइडेंट-II मिसाइल का नाम सबसे ऊपर आता है. 1990 में पहली बार अमेरिकी नौसेना में शामिल हुई यह मिसाइल आज भी अमेरिका और ब्रिटेन के परमाणु हथियार कार्यक्रम की रीढ़ है.

UGM-133 Trident II US Navy nuclear submarine-launched missile capable of silent strikes on enemy nations
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UGM-133 Trident II: जब बात विश्व की सबसे शक्तिशाली मिसाइलों की आती है, तो अमेरिका की ट्राइडेंट-II मिसाइल का नाम सबसे ऊपर आता है. 1990 में पहली बार अमेरिकी नौसेना में शामिल हुई यह मिसाइल आज भी अमेरिका और ब्रिटेन के परमाणु हथियार कार्यक्रम की रीढ़ है. अपनी लंबी रेंज, घातक वारहेड्स और अत्याधुनिक तकनीक के साथ यह मिसाइल किसी भी दुश्मन देश को पलक झपकते तबाह करने की ताकत रखती है. पानी के अंदर से लॉन्च होने वाली यह मिसाइल इतनी खतरनाक है कि इसे दुनिया की सबसे अजेय मिसाइलों में शुमार किया जाता है. आइए, इसकी ताकत और खासियतों को विस्तार से जानते हैं.

पानी के अंदर से प्रहार

ट्राइडेंट-II मिसाइल को ओहायो-क्लास (अमेरिका) और वैनगार्ड-क्लास (ब्रिटेन) पनडुब्बियों से लॉन्च किया जाता है. इसका लॉन्च सिस्टम बेहद अनोखा है – गैस प्रेशर की मदद से मिसाइल को पानी से बाहर निकाला जाता है, और फिर इसका रॉकेट मोटर शुरू होते ही यह टारगेट की ओर रवाना हो जाती है. यह प्रक्रिया इतनी तेज और सटीक है कि दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं मिलता. पनडुब्बी से लॉन्च होने की वजह से यह मिसाइल दुश्मन के रडार से बचकर हमला करने में सक्षम है.

लंबी रेंज: दुनिया का कोई कोना असुरक्षित नहीं

ट्राइडेंट-II की मारक क्षमता इसे बेजोड़ बनाती है. इसकी रेंज 11,000 से 12,000 किलोमीटर तक है, यानी अगर यह अटलांटिक महासागर में तैनात पनडुब्बी से लॉन्च हो, तो भी यह दुनिया के किसी भी हिस्से में मौजूद लक्ष्य को भेद सकती है. इतनी लंबी रेंज इसे वैश्विक स्तर पर रणनीतिक ताकत प्रदान करती है, जिससे अमेरिका और ब्रिटेन की सामरिक स्थिति अजेय बनी रहती है.

MIRV तकनीक: एक मिसाइल, कई टारगेट

ट्राइडेंट-II की सबसे बड़ी खासियत है इसकी MIRV (Multiple Independently Targetable Reentry Vehicle) तकनीक. इस तकनीक के जरिए यह मिसाइल एक साथ 8 से 12 न्यूक्लियर वारहेड्स ले जा सकती है, और हर वारहेड अलग-अलग लक्ष्य को निशाना बना सकता है. यानी एक ही मिसाइल कई शहरों या सैन्य ठिकानों को तबाह कर सकती है. यह तकनीक इसे सामान्य मिसाइलों से कहीं ज्यादा घातक बनाती है.

विनाशकारी वारहेड्स: हिरोशिमा से भी ज्यादा ताकत

ट्राइडेंट-II में लगे न्यूक्लियर वारहेड्स की ताकत 100 किलोटन से लेकर 475 किलोटन तक होती है. तुलना करें तो हिरोशिमा पर गिराया गया परमाणु बम करीब 15 किलोटन का था. यानी यह मिसाइल हिरोशिमा बम से दर्जनों गुना ज्यादा विनाशकारी है. इसके वारहेड्स की ताकत इसे दुश्मन के लिए खौफ का प्रतीक बनाती है.

रफ्तार, जो रुकने न दे

ट्राइडेंट-II मिसाइल की स्पीड इसे और भी खतरनाक बनाती है. यह 24,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकती है, जो इसे लगभग अजेय बनाती है. इतनी तेज गति के कारण इसे इंटरसेप्ट करना या रोकना बेहद मुश्किल है, जिससे यह मिसाइल दुनिया की सबसे घातक रक्षा प्रणालियों में से एक है.

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