Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग हर गुजरते दिन के साथ और अधिक खतरनाक होती जा रही है. अब इस युद्ध में ऐसा दावा सामने आया है, जिसने वैश्विक राजनीति और सैन्य समीकरणों को झकझोर कर रख दिया है. रूसी सेना ने कहा है कि उसने यूक्रेन का एक एफ-16 फाइटर जेट मार गिराया है.
अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह सिर्फ यूक्रेन के लिए ही नहीं बल्कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए भी बड़ा झटका माना जाएगा. एफ-16 को अमेरिका के सबसे भरोसेमंद मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों में गिना जाता है और इसे यूक्रेन की वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए भेजा गया था.
रूसी एयर डिफेंस सिस्टम का दावा
रूस की सरकारी टीवी चैनल “रूसिया 1” को दिए गए इंटरव्यू में एक रूसी कमांडर ने इस ऑपरेशन का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि रूस के एस-300 एयर डिफेंस सिस्टम ने इस एफ-16 फाइटर जेट को निशाना बनाया. कमांडर के अनुसार, यह विमान रूस के लिए एक “हाई वैल्यू टारगेट” था, क्योंकि इसे अमेरिका ने यूक्रेन को सप्लाई किया था और इससे युद्ध का रुख बदलने की उम्मीद की जा रही थी.
उनका कहना था कि इस ऑपरेशन की तैयारी लंबे समय से चल रही थी और रूसी सेना लगातार इस फाइटर जेट की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी. जैसे ही सही मौका मिला, एस-300 सिस्टम से दो मिसाइलें दागी गईं. पहली मिसाइल ने विमान को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि दूसरी मिसाइल ने उसे पूरी तरह तबाह कर दिया.
“कोई भी विमान अजेय नहीं होता”
रूसी कमांडर ने यूक्रेन और उसके समर्थकों के दावों पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि दुश्मन यह प्रचार कर रहा था कि एफ-16 जैसे आधुनिक फाइटर जेट को गिराना लगभग नामुमकिन है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. उनके शब्दों में, “आसमान में उड़ने वाला कोई भी विमान अजेय नहीं होता, चाहे वह कितना ही आधुनिक क्यों न हो.”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अगस्त 2024 से यूक्रेन को एफ-16 फाइटर जेट मिलने शुरू हुए थे और तब से अब तक यूक्रेन खुद चार ऐसे विमानों के नुकसान की पुष्टि कर चुका है. रूस का दावा है कि यह संख्या आगे और बढ़ सकती है.
यूरोपीय देशों से मिले एफ-16 जेट
यूक्रेन को मिलने वाले एफ-16 विमानों की संख्या को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को कुल 87 एफ-16 फाइटर जेट देने का वादा किया था. इनमें से अब तक 44 विमान कीव को मिल चुके हैं.
इन विमानों को रूस के खिलाफ यूक्रेन की वायु रक्षा और हमले की क्षमता बढ़ाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा था. हालांकि रूस का कहना है कि चाहे कितने भी आधुनिक हथियार क्यों न भेजे जाएं, उसकी एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम उन्हें बेअसर करने में सक्षम है.
ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का जिक्र
एफ-16 जेट गिराने के दावे से पहले रूस ने एक और बड़ा बयान दिया था. रूस का कहना है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर यूक्रेन की ओर से किए गए कथित ड्रोन हमले के जवाब में उसने ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया. यह इंटरमीडिएट-रेंज मिसाइल रूस के सबसे आधुनिक हथियारों में से एक मानी जाती है.
खुद राष्ट्रपति पुतिन पहले यह दावा कर चुके हैं कि ओरेशनिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करना लगभग नामुमकिन है, क्योंकि इसकी रफ्तार आवाज की गति से करीब दस गुना अधिक बताई जाती है. यह मिसाइल परमाणु वॉरहेड ले जाने में भी सक्षम है, हालांकि रूसी अधिकारियों ने कहा कि हालिया हमले में न्यूक्लियर वॉरहेड का इस्तेमाल नहीं किया गया.
यूक्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले का मकसद यूक्रेन के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना था. रूस ने केवल मिसाइलों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अटैक ड्रोन और लंबी दूरी तक मार करने वाले जमीन और समुद्र से लॉन्च होने वाले हथियारों का भी इस्तेमाल किया. इन हमलों के बाद यूक्रेन के कई इलाकों में बिजली और अन्य जरूरी सेवाओं पर असर पड़ने की खबरें सामने आईं.
युद्ध के और खतरनाक होने के संकेत
रूस द्वारा एफ-16 फाइटर जेट गिराने का दावा और हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल यह साफ संकेत देता है कि यूक्रेन युद्ध अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच रहा है. जहां एक तरफ पश्चिमी देश यूक्रेन को आधुनिक हथियार देकर मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं रूस यह दिखाने में जुटा है कि वह हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है. आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.
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