अब फैसला यूक्रेन को लेना है... क्या जंग खत्म करने को मान गए पुतिन? इस देश ने शांति प्रस्ताव पर की बड़ी पहल

Russia Ukraine War: लगभग चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दुनिया भर में शांति की उम्मीदें कई बार उठीं, लेकिन हर बार नाकाम रहीं. डोनाल्ड ट्रंप से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक, सभी ने इस आग को ठंडा करने की कोशिश की, मगर हालात जस के तस बने रहे.

Ukraine has to take the decision Putin agreed to end the war turkey took a big initiative on peace proposal
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Russia Ukraine War: लगभग चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दुनिया भर में शांति की उम्मीदें कई बार उठीं, लेकिन हर बार नाकाम रहीं. डोनाल्ड ट्रंप से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक, सभी ने इस आग को ठंडा करने की कोशिश की, मगर हालात जस के तस बने रहे. अब पहली बार रूस की तरफ से एक ऐसा बयान आया है जिसने दुनिया की निगाहें अपनी ओर खींच ली हैं. रूसी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब यूक्रेन के साथ “शांति समझौते” के लिए तैयार हैं.

रूसी न्यूज एजेंसी TASS को दिए इंटरव्यू में विदेश मंत्रालय के अधिकारी अलेक्सेई पोलिशचुक ने बताया कि तुर्की लंबे समय से मॉस्को और कीव के बीच संवाद शुरू करवाने की कोशिश कर रहा है. पोलिशचुक ने कहा, “रूस शांति वार्ता के लिए पूरी तरह तैयार है, अब फैसला यूक्रेन को लेना है.” इस बयान के बाद अब अटकलें तेज हैं कि क्या तुर्की की पहल से आखिरकार इस जंग का कोई अंत नजर आने वाला है, या यह सिर्फ कूटनीतिक रणनीति का एक नया अध्याय है.

“पहले इलाका खाली करो”

रूस के इस “शांति प्रस्ताव” पर यूक्रेन ने सख्त प्रतिक्रिया दी है. कीव के अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी बातचीत की शुरुआत तभी होगी जब रूस उनके कब्जे वाले इलाकों से पूरी तरह पीछे हटेगा.

दरअसल, पुतिन की सेना अब भी यूक्रेन के करीब 5000 वर्ग किलोमीटर इलाके पर कब्जा जमाए बैठी है, जिसमें पोक्रोव्स्क, डोनेत्स्क, और जापोरिजिया जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं.

पोक्रोव्स्क: यूक्रेन की ‘लाइफलाइन’ पर रूसी कब्जा

पोक्रोव्स्क को यूक्रेन का रणनीतिक केंद्र माना जाता है. यह शहर कई प्रमुख रेल और सड़क नेटवर्क्स से जुड़ा हुआ है जो देश के औद्योगिक और सैन्य सप्लाई रूट्स को जोड़ते हैं. रूस ने इस क्षेत्र में कई नेटवर्क को पहले ही तबाह कर दिया है, जिससे यूक्रेन की लॉजिस्टिक क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है.

ट्रंप की कोशिशें बेअसर

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस युद्ध को खत्म करवाने के लिए कई कूटनीतिक प्रयास किए थे. लेकिन सबसे बड़ी अड़चन यही रही, रूस कब्जे वाले इलाकों से पीछे हटने को तैयार नहीं और यूक्रेन बिना शर्त बातचीत को तैयार नहीं. अब देखना यह होगा कि तुर्की की मध्यस्थता क्या सच में इस जंग को विराम दिला पाएगी या यह पहल भी बाकी कोशिशों की तरह अधूरी रह जाएगी.

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