टैंक उड़ाओ, पॉइंट्स कमाओ, जितना बड़ा टारगेट उतना बड़ा इनाम... वीडियो गेम की तरह जंग लड़ रहा यूक्रेन

यूक्रेनी सेना ने युद्ध के मैदान को तकनीकी और डिजिटल रूप से नया स्वरूप देते हुए, एक गैमिफिकेशन मॉडल को अपनाया है, जिसके तहत सैनिकों को विशिष्ट सैन्य लक्ष्यों को निष्प्रभावी करने के बदले पॉइंट्स दिए जाते हैं.

Ukraine is fighting a war like a video game
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- Internet

कीव: यूक्रेन-रूस संघर्ष अब केवल पारंपरिक सैन्य रणनीतियों तक सीमित नहीं है. यूक्रेनी सेना ने युद्ध के मैदान को तकनीकी और डिजिटल रूप से नया स्वरूप देते हुए, एक गैमिफिकेशन मॉडल को अपनाया है, जिसके तहत सैनिकों को विशिष्ट सैन्य लक्ष्यों को निष्प्रभावी करने के बदले पॉइंट्स दिए जाते हैं. यह अंक उन्हें हथियार, उपकरण और ड्रोन जैसे संसाधन प्राप्त करने में सहायता करते हैं.

यह प्रणाली यूक्रेन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री मिखाइलो फेडोरोव द्वारा शुरू किए गए ‘Army of Drones’ कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे अब एक व्यापक सैन्य डिजिटल मार्केटप्लेस Brave 1 Market में परिवर्तित किया जा रहा है. रक्षा क्षेत्र में यह पहल एक नई दिशा का संकेत देती है, जिसमें डेटा, निगरानी और वास्तविक समय प्रोत्साहन तंत्र का उपयोग किया जा रहा है.

ब्रेव 1 मार्केट: युद्ध की आपूर्ति श्रृंखला का मॉडल

‘Brave 1 Market’ को अक्सर "मिलिट्री के लिए अमेज़न" कहा जा रहा है. यह एक डिजिटल लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म है, जहां सैनिक या सैन्य इकाइयाँ अपने प्रदर्शन के आधार पर अर्जित अंक (points) का उपयोग कर आवश्यक सैन्य उपकरणों की खरीद कर सकती हैं.

इस व्यवस्था के लाभ:

  • तेज आपूर्ति प्रणाली: नौकरशाही प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करता है.
  • डेटा-आधारित निर्णय: यूनिट कमांडरों को वास्तविक समय में परफॉर्मेंस डेटा मिलता है.
  • प्रेरणा प्रणाली: सैनिकों को उच्च प्रदर्शन के लिए सीधे प्रोत्साहन मिलता है.

कैसे काम करती है पॉइंट प्रणाली?

यह प्रणाली अगस्त 2024 में यूक्रेनी सेना में लागू की गई. इसके तहत:

  • प्रत्येक सैन्य कार्रवाई को ड्रोन फीड्स के माध्यम से रिकॉर्ड और सत्यापित किया जाता है.
  • उदाहरण के लिए, एक रूसी टैंक को निष्क्रिय करने पर 15 पॉइंट्स, एक ड्रोन ऑपरेटर को मारने पर 12 पॉइंट्स मिलते हैं.
  • ये पॉइंट्स ब्रेव 1 मार्केट पर रिडीम किए जा सकते हैं.

414वीं मरीन UAV यूनिट – 'बर्ड्स ऑफ मेग्यर', इस मॉडल की एक सफल इकाई मानी जा रही है, जिसके कमांडर रॉबर्ट ब्रोवदी (उर्फ मैग्यर) का दावा है कि उनकी यूनिट ने कुल रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों का 8% हिस्सा नष्ट किया है.

राजनयिक प्रयास: शांति की संभावनाएँ

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में कैथोलिक धर्मगुरु पोप लियो से मुलाकात की. इस बैठक में पोप ने न्यायसंगत शांति की आवश्यकता पर बल दिया और वेटिकन में रूस और यूक्रेन के बीच सीधी वार्ता की पेशकश की.

इस बीच, अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन को 10 पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम देने का आश्वासन दिया है और पहले रोकी गई हथियार आपूर्ति बहाल करने की बात कही है.

हालाँकि, ट्रम्प की कूटनीति ने सवाल भी खड़े किए हैं, जब उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति को ‘तानाशाह’ कह दिया और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर 90 मिनट लंबी बातचीत की, जिसमें यूक्रेन को बातचीत से बाहर रखा गया.

तीन वर्ष की जंग: मानवीय और रणनीतिक प्रभाव

रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ और अब तक यह संघर्ष तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है. रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • लगभग 2 लाख से अधिक सैनिक दोनों पक्षों से मारे गए हैं.
  • 8 लाख से ज्यादा घायल, और
  • 1 करोड़ से अधिक नागरिक विस्थापित हुए हैं, जिनमें 20 लाख बच्चे शामिल हैं.

यह युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी में से एक बन चुका है.

रूसी आक्रमण और वैश्विक प्रतिक्रिया

2022 में, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर सैन्य अभियान की घोषणा की, जिसे पश्चिमी देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्षेत्रीय संप्रभुता पर हमला बताया.

जो बाइडेन, तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति, ने रूस के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार करते हुए प्रतिबंधों और सैन्य सहायता का रास्ता चुना. अब, नए प्रशासन में नीति में बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन शांति वार्ता में यूक्रेन की भूमिका सीमित होती जा रही है.

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