युद्ध के बाद इस्तीफा देने को तैयार हुए जेलेंस्की...सामने रख दी ये बड़ी शर्त

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि रूस के साथ चल रहे युद्ध के समाप्त होते ही वह देश के सर्वोच्च पद को अलविदा कहने को तैयार हैं. उनका कहना है कि उनकी प्राथमिकता सत्ता नहीं, बल्कि अपने देश को युद्ध की आग से बाहर निकालना है.

Ukraine President Zelenskyy Resigns after war ends with russia
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि रूस के साथ चल रहे युद्ध के समाप्त होते ही वह देश के सर्वोच्च पद को अलविदा कहने को तैयार हैं. उनका कहना है कि उनकी प्राथमिकता सत्ता नहीं, बल्कि अपने देश को युद्ध की आग से बाहर निकालना है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन में लंबे समय से राष्ट्रपति चुनाव टलते आ रहे हैं और विपक्षी आवाजें नए चुनाव की मांग कर रही हैं.


अमेरिकी न्यूज़ प्लेटफॉर्म एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने स्पष्ट कहा, मेरा लक्ष्य अगला कार्यकाल पाना नहीं है, मेरा लक्ष्य है युद्ध समाप्त करना. यह बयान अब तक की उनकी सबसे स्पष्ट टिप्पणी मानी जा रही है, जिससे यह साफ होता है कि वह सत्ता से चिपके रहने के पक्षधर नहीं हैं. जेलेंस्की 2019 में पहली बार यूक्रेन के राष्ट्रपति बने थे. 2022 में जब रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला किया, तब से वह वैश्विक स्तर पर युद्धकालीन नेतृत्व का चेहरा बन चुके हैं. हालांकि, रूस लगातार उन्हें ‘अवैध राष्ट्रपति’ कहकर खारिज करता रहा है और उन पर पश्चिमी देशों का “पठ्ठा” होने का आरोप भी लगाता है.

रूस के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की मांग की. उन्होंने कहा कि दुनिया आज सबसे खतरनाक हथियारों की होड़ का सामना कर रही है, और ऐसे में मौजूदा वैश्विक संस्थाएं  जैसे कि संयुक्त राष्ट्र कई मोर्चों पर विफल साबित हो रही हैं. उन्होंने अपने भाषण में कहा यूक्रेन, गाजा और सूडान में युद्ध यह दिखाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अब सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पा रहीं. आज केवल हथियार और सच्चे दोस्त ही देश की रक्षा कर सकते हैं. उनका यह बयान उस व्यापक हताशा को दर्शाता है जो युद्ध के लंबे खिंचाव और अपेक्षित अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की कमी से उपजी है.

क्रेमलिन की प्रतिक्रिया और अविश्वास

रूस पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह जेलेंस्की को यूक्रेन का वैध प्रतिनिधि नहीं मानता. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि अगर भविष्य में कोई शांति समझौता होता है, तो क्रेमलिन जेलेंस्की के हस्ताक्षर को मान्यता नहीं देगा. रूस का आरोप है कि पश्चिमी देशों ने जानबूझकर यूक्रेन को रूस के खिलाफ एक मोर्चे में बदल दिया है.

ट्रंप का बदला रुख

जेलेंस्की के भाषण से एक दिन पहले, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस की आलोचना करते हुए यूक्रेन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि यूक्रेन अपने खोए हुए इलाके रूस से वापस ले सकता है. यह बयान ट्रंप के पहले के रुख से काफी अलग है, क्योंकि पहले वह युद्ध को खत्म करने के लिए यूक्रेन से रियायतें देने की बात करते रहे हैं.

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