बिहार को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा; मोकामा से मुंगेर तक 4 लेन हाईवे, भागलपुर-रामपुरहाट डबल ट्रैक का ऐलान

बिहार में विकास की रफ्तार को और तेज़ करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है. चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने राज्य को दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात दी है, जिनकी कुल लागत 7,616 करोड़ रुपये है.

Union Cabinet clears 4-lane highway from Mokama to Munger approves Bhagalpur–Rampurhat rail doubling
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नई दिल्ली: बिहार में विकास की रफ्तार को और तेज़ करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है. चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने राज्य को दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात दी है, जिनकी कुल लागत 7,616 करोड़ रुपये है. ये परियोजनाएं न सिर्फ बिहार, बल्कि इसके आस-पास के राज्यों की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देंगी.

11 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को अब तक मिली मंजूरी

बुधवार, 10 सितंबर 2025 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ये अहम फैसले लिए गए. ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि बिहार के लिए अब तक मोदी सरकार 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है. यह आंकड़ा बताता है कि सरकार राज्य को इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करने के लिए कितनी गंभीर है.

रेल लाइन का होगा दोहरीकरण

रेल संपर्क को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार ने भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेल लाइन के दोहरीकरण को हरी झंडी दे दी है. इस परियोजना पर 3,169 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे इस रूट पर ट्रेनों की गति, आवागमन की सुविधा और माल परिवहन की क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा.

हाई-स्पीड 4 लेन हाईवे

सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करते हुए कैबिनेट ने बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोकामा-मुंगेर खंड को फोर लेन हाईवे में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इस निर्माण कार्य पर 4,447 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि बिहार के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को बाज़ार से जोड़ना आसान होगा.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, "कैबिनेट ने भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेलवे लाइन खंड (177 किलोमीटर) के दोहरीकरण को मंजूरी दी, जिसकी कुल लागत 3,169 करोड़ रुपये है. यह बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है."

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "आजादी के बाद रेलवे कार्गो लगातार घट रहा था. 27 फीसदी के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद अब यह बढ़ने लगा है. अब मॉडल शेयर लगभग 29 फीसदी तक पहुंच गया है. प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल में स्वीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की कुल संख्या लगभग 11 लाख करोड़ रुपये की है, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव है." उन्होंने कहा कि इससे रोजगार बढ़ रहा है और लोगों के जीवन में बदलाव हो रहा है.   

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