नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट बैठक में देशवासियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं. इस बैठक में कुल 1.20 लाख करोड़ रुपये के महत्त्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी. सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स, किसानों, छात्रों और शोधकर्ताओं हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं पेश की गई हैं.
DA और DR में 3% की बढ़ोतरी
सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की वृद्धि को मंजूरी दी है. यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी, जिससे DA/DR की दर 55% से बढ़कर 58% हो जाएगी. इसका सीधा लाभ 49.19 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.72 लाख पेंशनर्स को मिलेगा. इस निर्णय से सरकारी खजाने पर सालाना 10,083 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
असम को मिला नया हाईवे प्रोजेक्ट
असम में कालीबोर से नुमालिगढ़ तक के NH-715 सेक्शन को चार लेन का बनाया जाएगा. 6,957 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 85.67 किमी लंबे प्रोजेक्ट में 34.5 किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो काजीरंगा नेशनल पार्क के वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा. इसके साथ 21 किमी का बाईपास और 30 किमी सड़क उन्नयन भी प्रस्तावित है. परियोजना से रोजगार के लगभग 35 लाख मानव-दिवस उत्पन्न होंगे.
57 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना
देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालय (KVs) खोले जाएंगे, जिससे 86,640 छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी. इन विद्यालयों में पहली बार प्री-प्राइमरी स्तर की बालवाटिकाएं भी शुरू की जाएंगी. यह प्रोजेक्ट 9 वर्षों में लगभग 5,862 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा और इसके अंतर्गत 4,617 स्थायी नौकरियों का भी सृजन होगा. वर्तमान में देश में 1,288 केंद्रीय विद्यालय कार्यरत हैं, जिनमें 13.62 लाख छात्र अध्ययनरत हैं.
किसानों को मिला एमएसपी का तोहफा
2026-27 के रबी विपणन सीजन के लिए सरकार ने सभी प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की घोषणा की है:
आत्मनिर्भर दाल मिशन को मिली मंजूरी
भारत सरकार ने 'Mission for Aatmanirbharta in Pulses' को हरी झंडी दे दी है. 2025-26 से 2030-31 तक चलने वाले इस मिशन पर कुल 11,440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका उद्देश्य देश को दालों में आत्मनिर्भर बनाना है. इसके तहत:
वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा
बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) का तीसरा चरण 2025-26 से 2030-31 तक चलेगा. इस पर 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और ब्रिटेन का वेलकम ट्रस्ट मिलकर इस प्रोग्राम को संचालित करेंगे. इसका उद्देश्य भारत में बायोमेडिकल क्षेत्र में उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रतिभाओं को तैयार करना और रिसर्च को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है.
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