नई दिल्ली: भारत के लौह पुरुष, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रव्यापी अभियान 'सरदार@150 एकता मार्च' का आगाज किया गया है. केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने 'माई भारत' के नेतृत्व में इस पहल की शुरुआत की. यह अभियान युवाओं में एकता, देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना को प्रज्वलित करने के साथ-साथ सरदार पटेल की अमर विरासत को सम्मानित करने का एक प्रयास है.
युवाओं को जोड़ने की राष्ट्रव्यापी पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के 'माई भारत' के तहत 'विकसित भारत पदयात्राएं' शुरू की गई हैं. ये पदयात्राएं न केवल राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देती हैं, बल्कि युवाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक और जुड़ा महसूस कराती हैं. 'सरदार@150 एकता मार्च' इसी व्यापक अभियान का एक अहम हिस्सा है, जो युवाओं को 'एक भारत, आत्मनिर्भर भारत' के आदर्शों से प्रेरित करता है.
"आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने का राष्ट्रीय आंदोलन"
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने सरदार@150 एकता मार्च के शुभारंभ के मौके पर कहा कि सरदार@150 एकता मार्च केवल एक स्मरणोत्सव नहीं है, बल्कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण में शामिल करने और एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन है. उन्होंने कहा कि सरदार@150 एकता मार्च युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए होगा. साथ ही मनसुख मांडविया ने युवाओं से सरदार वल्लभभाई पटेल की विचारधारा और सेवा की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया.
एक लौ फिर जली है,
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) October 6, 2025
एकता की, राष्ट्रगौरव की! 🇮🇳
आज नई दिल्ली में सरदार@ 150 यूनिटी मार्च पर प्रेस को संबोधित किया।
सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती पर देश के सभी जिलों में प्रारंभ हो रहा यह राष्ट्रीय अभियान, प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विकसित भारत विजन को जन-जन तक… pic.twitter.com/5jm8zSINQ1
अभियान के तीन मुख्य चरण
अभियान का प्रारंभ डिजिटल चरण से होगा, जिसमें सोशल मीडिया प्रतियोगिताएं, निबंध लेखन, और क्विज़ जैसे कार्यक्रम होंगे, ताकि युवाओं में उत्साह और भागीदारी बढ़े. इसके बाद जिले स्तर पर पदयात्राएँ आयोजित की जाएंगी, जहाँ सांसद और स्थानीय नेता युवाओं के साथ चलकर एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करेंगे. अंत में राष्ट्रीय स्तर पर करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक 152 किलोमीटर की ऐतिहासिक पदयात्रा होगी, जिसमें देश के युवा एकजुट होकर सरदार पटेल की प्रेरणा को जीवन में उतारेंगे.
हर स्तर पर सक्रिय सहभागिता
अभियान के दौरान स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान, व्याख्यान और युवा परिचर्चाएँ आयोजित की जाएंगी. एनएसएस, एनसीसी, और 'माई भारत' के स्वयंसेवक इन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. पदयात्रा के मार्ग पर जागरूकता स्टॉल लगाए जाएंगे जो मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएंगे. इस पूरे अभियान का मकसद युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में जागरूक करना और सरदार पटेल की विरासत को जीवंत बनाए रखना है.
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