लखनऊ: इस दीपावली उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए कुछ खास और यादगार होने वाला है. राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है जिससे स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायों को अपने हुनर और उत्पाद दिखाने का सुनहरा मौका मिलेगा. इस बार दीपावली से पहले पूरे प्रदेश के 75 जिलों में ‘स्वदेशी मेला’ का आयोजन किया जाएगा, जो यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के अंतर्गत होगा. इस आयोजन की थीम है “स्वदेशी उत्पाद और लोकल से वोकल.” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को पूरी ताकत से समर्थन दिया है.
कारीगरों को मिलेगा बढ़ावा और बाजार की सीधी पहुँच
इस मेले का मुख्य उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश के कारीगर और छोटे उद्यमी अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं के सामने ला सकें. राज्य सरकार विशेष रूप से हर जिले के ODOP (One District One Product) और GI टैग वाले उत्पादों को प्रमोट करेगी, ताकि स्थानीय उत्पादों को उचित पहचान और बाजार मिले. इससे कारीगरों की आमदनी बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को भी अपने जिले के खास वस्त्र, हस्तशिल्प और अन्य उत्पाद आसानी से मिलेंगे.
पारदर्शिता और उचित मूल्य की गारंटी
मेले में प्रदर्शित सभी वस्तुओं की कीमतें पारदर्शी रहेंगी. GST सुधारों के कारण खरीदारों को गुणवत्ता वाले उत्पाद उचित और साफ-सुथरे दामों पर मिलेंगे. यह पहल उपभोक्ताओं को विश्वास दिलाएगी कि वे सही कीमत पर बेहतर उत्पाद खरीद रहे हैं.
हर जिले में खुलेगा ‘यूनिटी मॉल’
सरकार की योजना के तहत जल्द ही प्रदेश के हर जिले में ‘यूनिटी मॉल’ का निर्माण होगा. लखनऊ, वाराणसी और आगरा में केंद्र सरकार के सहयोग से ये मॉल पहले ही शुरू हो चुके हैं. इन मॉल्स में न केवल स्थानीय, बल्कि पूरे देश के ODOP उत्पाद भी उपलब्ध होंगे. इसका उद्देश्य है कि एक ही छत के नीचे देश के विविध और खास उत्पादों को लाकर कारीगरों को राष्ट्रीय पहचान मिले और ग्राहकों को सुविधा.
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगा प्रचार-प्रसार
इस बार ‘स्वदेशी मेला’ की सफलता के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भरपूर उपयोग किया जाएगा. इससे न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लोग मेलों की जानकारी ऑनलाइन पाएंगे और अपनी सुविधा से खरीदारी कर सकेंगे. यह कदम छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल युग में राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का एक बड़ा जरिया बनेगा.
2026 में होगा और भी भव्य आयोजन
UPITS का तीसरा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है. आगामी वर्ष, यानी 2026 में इसे 25 से 29 सितंबर के बीच और भी बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा. सरकार ने यह भरोसा दिलाया है कि इस बार की कमियों को ध्यान में रखते हुए आयोजन को और बेहतर, सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बनाया जाएगा.
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