Pankaj Chaudhary UP BJP President: लखनऊ में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे. इस अवसर पर नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मंच से संबोधन देते हुए कहा कि वह इस पद पर निर्वाचित होकर अत्यंत रोमांचित, उत्साहित और गौरवांवित महसूस कर रहे हैं.
पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा किसी विशेष परिवार या जाति तक सीमित नहीं है. यह एक ऐसी पार्टी है जहां कोई भी सक्रिय कार्यकर्ता अपने मेहनत और प्रतिबद्धता के बल पर किसी भी बड़े पद तक पहुंच सकता है. उनका मानना है कि नेतृत्व का असली मतलब केवल आदेश देना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान करना है. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शासन करना नहीं बल्कि रोल अदा करना है, यानी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सक्रिय नेतृत्व निभाना है.
पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर
पंकज चौधरी भाजपा के 17वें प्रदेश अध्यक्ष हैं और कुर्मी समाज से आने वाले चौथे नेता हैं जिन्होंने यह पद संभाला है. पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर लंबे समय से चल रहा है. उन्हें 1991 में महाराजगंज से चुनाव लड़ाने का अवसर मिला था और तब से अब तक वे लगातार सक्रिय राजनीति में रहे हैं. उन्होंने कहा कि न उन्होंने महाराजगंज को छोड़ा है और न ही भाजपा को.
पंकज चौधरी का अनुभव और संगठनात्मक क्षमता उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाती है. वे सात बार सांसद रह चुके हैं और पार्टी में उनके संगठन और नेतृत्व कौशल की सराहना की जाती है.
उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्षों का इतिहास
उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रदेश अध्यक्षों की एक लंबी और गौरवपूर्ण सूची रही है. पंकज चौधरी इससे पहले कई दिग्गज नेताओं के पदभार संभालने के अनुभव को आगे बढ़ा रहे हैं.
1. माधो प्रसाद त्रिपाठी:
भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष, जिन्होंने 1980 से 1984 तक इस पद को संभाला. वे लोकसभा सदस्य भी रहे.
2. कल्याण सिंह:
माधो प्रसाद के बाद पार्टी अध्यक्ष बने. छह वर्षों तक इस पद पर रहे. वे दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे.
3. राजेंद्र कुमार गुप्ता:
कल्याण सिंह के बाद एक वर्ष के लिए पार्टी अध्यक्ष.
4. कलराज मिश्र:
1991 से 1997 तक यूपी भाजपा अध्यक्ष रहे. वे अब तक सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहे.
5. राजनाथ सिंह:
कलराज मिश्र के बाद पार्टी प्रमुख बने. मार्च 1997 से जनवरी 2000 तक यूपी बीजेपी अध्यक्ष रहे. इसके बाद दो साल तक मुख्यमंत्री भी रहे.
6. ओमप्रकाश सिंह:
राजनाथ सिंह के बाद जनवरी 2000 से अगस्त 2000 तक यूपी भाजपा अध्यक्ष. कुर्मी समाज से आते हैं.
7. कलराज मिश्र (दूसरा कार्यकाल):
ओमप्रकाश सिंह के बाद 2000 से 2002 तक पार्टी के प्रमुख.
8. विनय कटियार:
राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल. लगभग दो वर्षों तक यूपी भाजपा अध्यक्ष रहे.
9. केशरीनाथ त्रिपाठी:
जुलाई 2004 से सितंबर 2007 तक अध्यक्ष रहे. बाद में यूपी विधानसभा स्पीकर और विभिन्न राज्यों में राज्यपाल भी रहे.
10. रमापति राम त्रिपाठी:
2007 से 2010 तक यूपी बीजेपी प्रमुख. देवरिया लोकसभा से सांसद भी रहे.
11. सूर्य प्रताप शाही:
मई 2010 से अप्रैल 2012 तक यूपी भाजपा अध्यक्ष. वर्तमान में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री.
12. लक्ष्मीकांत वाजपेयी:
2012 से 2016 तक यूपी बीजेपी अध्यक्ष.
13. केशव प्रसाद मौर्य:
अप्रैल 2016 से अगस्त 2017 तक अध्यक्ष.
14. महेंद्र नाथ पांडेय:
अगस्त 2017 से जुलाई 2019 तक यूपी बीजेपी अध्यक्ष. दो बार सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री रहे.
15. स्वतंत्र देव सिंह:
जुलाई 2019 से अगस्त 2022 तक अध्यक्ष. कुर्मी समाज से आते हैं. बाद में कैबिनेट मंत्री बने.
16. चौधरी भूपेंद्र सिंह:
2022 में यूपी बीजेपी अध्यक्ष बने. तीन साल से अधिक समय तक इस पद पर रहे.
पंकज चौधरी की प्राथमिकताएं
पंकज चौधरी ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना है. वे संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर ध्यान देंगे. उनका मानना है कि नेतृत्व केवल पद और अधिकार से नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी और समस्या समाधान से स्थापित होता है.
वे इस पद को सबसे बड़ी चुनौती मानते हैं और इसका पूरा लाभ पार्टी और जनता दोनों के हित में उठाना चाहते हैं. कुर्मी समाज से आने वाले चौथे नेता के रूप में वे यह संदेश देना चाहते हैं कि भाजपा में हर समुदाय और वर्ग के लोगों के लिए अवसर हैं.
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