Minneapolis ICE Shooting: अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक अधिकारी द्वारा कार चला रही महिला को गोली मारे जाने की घटना ने पूरे देश में बहस और विरोध को जन्म दे दिया है. बुधवार को हुई इस घटना में 37 वर्षीय रेनी गुड की मौत हो गई. वह तीन बच्चों की मां थीं. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है.
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, महिला ने अपनी SUV से ICE अधिकारियों को टक्कर मारने की कोशिश की थी. विभाग का कहना है कि अधिकारी की जान को खतरा महसूस होने पर एजेंट ने गोली चलाई.
होमलैंड सिक्योरिटी की सचिव क्रिस्टी नोएम ने बयान जारी कर कहा कि यह घटना ICE अधिकारियों पर किया गया एक “घरेलू आतंकवादी हमला” थी. उनके मुताबिक, अधिकारी आत्मरक्षा में कार्रवाई करने को मजबूर हुआ.
राष्ट्रपति ट्रंप ने एजेंट का किया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ICE एजेंट का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि महिला ने जानबूझकर अधिकारी को निशाना बनाया. वायरल वीडियो पर टिप्पणी करते हुए ट्रम्प ने कहा, “यह वीडियो बेहद डरावना है,”
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून लागू करने वाले अधिकारी को दोषी ठहराने से पहले तथ्यों को समझना जरूरी है.
वीडियो में क्या दिखा?
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सामने आए हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ICE अधिकारी सड़क के बीच खड़ी एक SUV के पास पहुंचता है और ड्राइवर से दरवाजा खोलने को कहता है.
Via Wall Street Apes:
— wwwguide (@wwwguide) January 8, 2026
I slightly enhanced and slowed down the video of Minneapolis ICE shooting
You can VERY CLEARLY see the liberal activist ram her car into the ICE agent
You can actually see the federal officer get hit and forced backhttps://t.co/OR4iQcrNP9 pic.twitter.com/qm0g3BBH7q
इसी दौरान गाड़ी अचानक आगे बढ़ती है. सामने खड़े दूसरे ICE अधिकारी ने तुरंत अपनी पिस्तौल निकाली और बेहद करीब से कम से कम दो गोलियां चला दीं. गोली लगने के बाद SUV पास में खड़ी दो अन्य गाड़ियों से टकराकर रुक गई.
हालांकि, वीडियो से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार ने वास्तव में किसी अधिकारी को टक्कर मारी थी या नहीं.
गोली लगने के बाद मौके पर मेडिकल टीम पहुंची और महिला को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई. महिला की पहचान रेनी गुड के रूप में हुई है.
इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू
घटना के तुरंत बाद सैकड़ों लोग घटनास्थल के आसपास इकट्ठा हो गए और ICE के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. शाम होते-होते वहां श्रद्धांजलि सभा (विजिल) का आयोजन भी किया गया, जिसमें लोगों ने मृत महिला को श्रद्धांजलि दी और इमिग्रेशन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इमिग्रेशन एजेंसियां जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग कर रही हैं और आम नागरिकों की जान खतरे में डाल रही हैं.
मिनेसोटा के मेयर ने सरकार के दावे को नकारा
मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार के दावों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ICE एजेंट शहर में अराजकता फैला रहे हैं.
मेयर फ्रे ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम मांग करते हैं कि ICE तुरंत हमारे शहर और राज्य को छोड़े. हम अपने प्रवासी और शरणार्थी समुदाय के साथ मजबूती से खड़े हैं.”
उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा के नाम पर भय का माहौल बनाया जा रहा है, परिवारों को तोड़ा जा रहा है और अब लोग अपनी जान तक गंवा रहे हैं.
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