अमेरिकी नेवी ने कैरिबियन सागर में जा रही पनडुब्बी पर किया हमला, शेयर कियया धमाके का VIDEO, जानें वजह

कैरिबियन सागर में अमेरिका की नौसेना ने एक संदिग्ध ड्रग तस्करी में शामिल पनडुब्बी (Submarine) को समुद्र में डुबो दिया.

US Navy attacks submarine in Caribbean Sea
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Meta AI

वॉशिंगटन: कैरिबियन सागर में अमेरिका की नौसेना ने एक संदिग्ध ड्रग तस्करी में शामिल पनडुब्बी (Submarine) को समुद्र में डुबो दिया. इस सैन्य कार्रवाई में दो लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य को जिंदा गिरफ्तार किया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इसे "मादक पदार्थों की तस्करी पर निर्णायक प्रहार" बताया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह पनडुब्बी फेंटानिल और अन्य घातक मादक पदार्थों से भरी थी और अमेरिका की सीमा की ओर बढ़ रही थी.

राष्ट्रपति ट्रंप का बयान

ट्रुथ सोशल पर अपने आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, "यह मेरे लिए गर्व की बात है कि हमारी सेना ने एक पनडुब्बी को नष्ट किया, जो भारी मात्रा में ड्रग्स लेकर अमेरिका की ओर आ रही थी. इसमें फेंटानिल जैसे बेहद खतरनाक पदार्थ शामिल थे. दो आतंकी मारे गए और दो संदिग्धों को पकड़ लिया गया. उन्हें उनके देश वापस भेजा गया है, जहां उन पर मुकदमा चलेगा."

संदिग्धों की राष्ट्रीयता और कानूनी कार्यवाही

गिरफ्तार किए गए दो व्यक्तियों की नागरिकता इक्वाडोर और कोलंबिया की बताई गई है. कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने इस बात की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "हमारे नागरिक को जीवित वापस लाया गया है और उसके खिलाफ हमारे देश के कानूनों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी."

दूसरे संदिग्ध को इक्वाडोर की सरकार को सौंपा गया है, जहां स्थानीय एजेंसियों द्वारा उससे पूछताछ की जा रही है.

ऑपरेशन का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा चलाए जा रहे "No Drugs to America" नामक विशेष अभियान के तहत हुई है. इस अभियान का लक्ष्य लैटिन अमेरिका से अमेरिका में अवैध ड्रग्स की सप्लाई को जड़ से खत्म करना है.

सितंबर 2025 से अब तक अमेरिकी सेनाओं ने कैरिबियन सागर में कम से कम छह बड़ी कार्रवाइयां की हैं, जिनमें संदिग्ध ड्रग्स ले जा रहे जहाज, नावें और पनडुब्बियां शामिल हैं. इनमें से कई कथित तौर पर वेनेजुएला, कोलंबिया और इक्वाडोर से रवाना हुई थीं.

क्या ये कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध हैं?

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सेना इस ऑपरेशन को सुरक्षा और ड्रग नियंत्रण की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ और मानवाधिकार संगठनों ने इस पर सवाल उठाए हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • मारे गए दो लोगों की पहचान और अपराध की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है.
  • यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पनडुब्बी किस देश से रवाना हुई थी और इसमें कितनी मात्रा में ड्रग्स मौजूद थे.
  • बिना न्यायिक प्रक्रिया के किसी को मार देना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन माना जा सकता है.

ह्यूमन राइट्स वॉच जैसी संस्थाएं इस बात पर जोर देती हैं कि कानून के तहत हर संदिग्ध को सुनवाई का अधिकार है, भले ही वह अपराधी हो.

ड्रग तस्करी में पनडुब्बियों का इस्तेमाल बढ़ा

लैटिन अमेरिका के ड्रग कार्टेल अब पारंपरिक जहाजों की बजाय छोटी पनडुब्बियों या 'नार्को-सब्स' का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये समुद्र की सतह के नीचे रहकर रडार की पकड़ से बच जाती हैं, जिससे इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है.

इन पनडुब्बियों का इस्तेमाल कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू जैसे देशों के समुद्री तटों से शुरू होता है और ये अक्सर केंद्रीय अमेरिका और अमेरिका के पूर्वी समुद्री तटों तक पहुंचने की कोशिश करती हैं.

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