वाशिंगटन: डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने इमीग्रेंट्स के लिए एक अहम फैसला लिया है. 16 अक्टूबर 2025 से अमेरिका में पैरोल या री-पैरोल के लिए फीस बढ़ाकर 1,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 88,000 रुपये) कर दी गई है. यह नई फीस खासतौर पर उन लोगों पर लागू होगी जो अमेरिका में पहले से मौजूद हैं और जिन्हें पैरोल मिलने वाला है. हालांकि, कुछ विशेष मानवीय और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों को इस फीस से छूट दी गई है.
कौन देगा इस नई 1,000 डॉलर की पैरोल फीस?
USCIS के अनुसार, ये फीस उन इमिग्रेंट्स से ली जाएगी जो अमेरिका में शारीरिक रूप से मौजूद हैं और जिन्हें पैरोल या री-पैरोल की मंजूरी मिलनी है. 16 अक्टूबर 2025 से यह फीस अनिवार्य होगी. पैरोल की मंजूरी तभी होगी जब निर्धारित समय के अंदर फीस का भुगतान कर दिया जाएगा. ध्यान दें कि फीस आवेदन के समय नहीं, बल्कि पैरोल अप्रूवल के वक्त ली जाएगी, जिससे केवल योग्य आवेदकों से ही फीस वसूली हो सके.
फीस भुगतान की प्रक्रिया और नियम
पैरोल के लिए फॉर्म I-131 के साथ फीस जमा करना आवश्यक नहीं है. इसके बजाय, USCIS फीस तब लेता है जब पैरोल मंजूर किया जाता है. फीस में महंगाई के अनुसार सालाना समायोजन भी किया जाएगा ताकि इसे अद्यतन रखा जा सके. नोटिस में फीस भुगतान के लिए विस्तृत निर्देश और एक अंतिम तारीख दी जाएगी, जिसका पालन अनिवार्य होगा.
किन लोगों को नहीं देनी होगी यह फीस?
फेडरल रजिस्टर के नोटिस में कई ऐसी श्रेणियाँ शामिल हैं जिन्हें पैरोल फीस से छूट मिली है, खासकर जो मानवीय कारणों या सार्वजनिक हित के मामलों से जुड़े हैं. इनमें शामिल हैं:
मेडिकल इमरजेंसी: जिन लोगों को जानलेवा बीमारी है और उन्हें देश में इलाज नहीं मिल पा रहा.
माता-पिता या गार्जियन: जो नाबालिगों के साथ मेडिकल इमरजेंसी छूट के तहत अमेरिका आ रहे हैं.
ऑर्गन या टिशू डोनर: जो ऑर्गन/टिशू डोनेट करने आ रहे हैं, जहां सामान्य वीजा प्रक्रिया में देरी होती है.
मरते हुए रिश्तेदार से मिलने वाले: जिन्हें तुरंत अमेरिका पहुंचना जरूरी है.
गोद लिए गए बच्चे: जिनके पास गोद लेने का अंतिम वीजा है और जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता चाहिए.
एडजस्टमेंट एप्लिकेंट के लिए एडवांस पैरोल: INA सेक्शन 245 के तहत कानूनी स्थिति सुधार रहे लोग.
इमिग्रेशन हियरिंग के लिए पैरोल पर आने वाले: आस-पास के देशों से हियरिंग के लिए पैरोल पर आने वाले.
क्यूबा और हैती के प्रवेशकर्ता: जिन्हें 1980 के रिफ्यूजी एजुकेशन असिस्टेंस एक्ट के तहत स्टेटस मिला है.
लॉ एनफोर्समेंट असिस्टेंस: जो कानूनी या जांच में यूएस अधिकारियों की मदद करते हैं.
क्यों लागू की गई यह नई फीस?
DHS के इस फैसले का उद्देश्य इमीग्रेशन सिस्टम में वित्तीय संतुलन बनाए रखना है. साथ ही, यह कदम इमिग्रेशन प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक प्रयास है. फीस में छूट देकर खास परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया है ताकि मानवीय मुद्दों को कोई बाधा न पहुंचे.
ये भी पढ़ें: TTP ने पाकिस्तानी सेना पर फिर किया आत्मघाती हमला, कैंप में घुसी विस्फोटक से भरी कार, कितना हुआ नुकसान?