यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइल देगा अमेरिका, रूस बोला- हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे, क्या और भड़केगी जंग?

यूक्रेन द्वारा अमेरिका से लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइलें हासिल करने के प्रयासों ने इस संघर्ष को और गंभीर मोड़ दे दिया है.

US to provide Tomahawk missiles to Ukraine
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वॉशिंगटन/कीव/मास्को: यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव गहराता दिख रहा है. यूक्रेन द्वारा अमेरिका से लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइलें हासिल करने के प्रयासों ने इस संघर्ष को और गंभीर मोड़ दे दिया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रूस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर यूक्रेन ने ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया, तो इसका कड़ा जवाब मिलेगा.

रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बात की पुष्टि की कि अमेरिका, अपने सहयोगी देशों के माध्यम से यूक्रेन को टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें देने के अनुरोध पर विचार कर रहा है. वेंस ने एक टेलीविज़न इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के कई यूरोपीय साझेदार देश, जो पहले ही टॉमहॉक मिसाइलें खरीद चुके हैं, अब उन्हें यूक्रेन भेजने की योजना बना रहे हैं.

उन्होंने बताया कि इस फैसले पर आखिरी निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लिया जाएगा. वेंस ने कहा, "हम यूरोप के कई मित्र देशों की ओर से आए प्रस्तावों की गंभीरता से समीक्षा कर रहे हैं."

क्या है टॉमहॉक मिसाइल की ताकत?

टॉमहॉक एक लंबी दूरी तक मार करने वाली क्रूज मिसाइल है, जो बेहद सटीकता से दुश्मन के लक्ष्यों को भेद सकती है. इसकी रेंज लगभग 2,500 किलोमीटर तक होती है, यानी यह मिसाइल एक देश से दूसरे देश के भीतर स्थित गहरे सैन्य ठिकानों पर भी हमला कर सकती है.

इस मिसाइल को विशेष रूप से अमेरिकी और ब्रिटिश नौसेना द्वारा उपयोग में लाया जाता है. इसकी खासियत यह है कि यह बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए रडार की पकड़ में आए बिना लक्ष्य तक पहुंच सकती है. इसमें GPS आधारित नेविगेशन, जड़त्वीय मार्गदर्शन प्रणाली, और भू-आकृति मिलान तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह अत्यधिक सटीकता के साथ वार करने में सक्षम होती है.

यह मिसाइल यूक्रेन के लिए क्यों अहम?

यूक्रेन के पास अगर टॉमहॉक जैसी मिसाइलें आती हैं, तो यह उसके सैन्य सामर्थ्य को नई ऊंचाई पर ले जाएगी. टॉमहॉक से यूक्रेनी सेना रूस के अंदर स्थित रणनीतिक सैन्य अड्डों, कम्युनिकेशन सेंटरों, और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बना सकेगी.

यह मिसाइलें लगभग 450 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने में सक्षम होती हैं और इनका इस्तेमाल पहले भी कई बड़े सैन्य अभियानों में किया जा चुका है. जैसे कि 1991 का खाड़ी युद्ध, इराक युद्ध, और सीरिया पर 2017 में अमेरिका द्वारा किया गया हवाई हमला.

रूस की कड़ी प्रतिक्रिया

यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें मिलने की खबर पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर रूस पर हमला किया गया या उकसाया गया, तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा.

लावरोव ने कहा कि पश्चिमी देश लगातार रूस को धमकी दे रहे हैं और यह आरोप लगा रहे हैं कि मास्को नाटो और यूरोपीय संघ के देशों पर हमला करने की योजना बना रहा है. लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस की ओर से ऐसा कोई इरादा कभी नहीं रहा है.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस के खिलाफ किसी भी किस्म की आक्रामकता का "दृढ़ और निर्णायक जवाब" दिया जाएगा.

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