उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए नई दिशा में कदम बढ़ाया है. मिशन रोजगार के तहत, आईटीआई और पॉलिटेक्निक पास छात्रों को निजी कंपनियों से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से राज्यभर में 5,66,483 युवाओं को रोजगार मिल चुका है. अब यह योजना राज्य के विभिन्न हिस्सों में रोजगार की नई राहें खोल रही है, जिससे राज्य के युवा अपनी मेहनत के फल को प्राप्त कर रहे हैं.
राज्य में पैदा हो रहे रोजगार के नए अवसर
योगी सरकार ने युवाओं को आधुनिक और रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के लिए 2,800 से ज्यादा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं. इन केंद्रों से निकलकर, युवा अब खुद को नई तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों से जुड़ रहे हैं. विशेषकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, और वाराणसी जैसे शहरों में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, और कृषि आधारित उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे यहां रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं.
13 हजार युवाओं को मिलेगा 21 हजार रूपये मासिक वेतन
लखनऊ में हाल ही में आयोजित राजकीय आईटीआई, अलीगंज में रोजगार मेला में 22 अभ्यर्थियों का चयन हुआ. इस मेले में प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे कॉन्टिनेंटल ऑटोमोटिव, एग्लो इंडिया, अदाणी विंड, पेटीएम, और एजस फेडरल लाइफ इंश्योरेंस ने भाग लिया. इन युवाओं को 13,000 से 21,000 रुपये मासिक वेतन के साथ अन्य लाभ भी प्रदान किए जाएंगे.
पॉलिटेक्निक छात्रों को भी मिल रहा रोजगार
22 मार्च को आयोजित मिशन रोजगार योजना के तहत, 95 पॉलिटेक्निक छात्रों को भी रोजगार का अवसर मिला. यह कदम युवाओं को उनके कौशल के अनुसार नौकरी दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है. अब तक, कई युवाओं को पारंपरिक शिक्षा से अधिक व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से अपने करियर की शुरुआत करने का अवसर मिला है.
35 साल तक के युवाओं को मिल रही फ्री ट्रेनिंग
सरकार का कौशल विकास मिशन 35 वर्ष तक के युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है. इस योजना के तहत, 14.13 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है. इसके साथ ही, राज्य ने 24 औद्योगिक प्रतिष्ठानों और 8 प्लेसमेंट एजेंसियों के साथ अनुबंध किए हैं, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके.
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