लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बढ़ती शीतलहर और घने कोहरे के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 12वीं तक के स्कूलों को 5 जनवरी, 2026 तक बंद करने का आदेश दिया है. यह कदम बच्चों की सुरक्षा और सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस दौरान कड़ी निगरानी रखने और ठंड से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की हिदायत दी है.
शीतलहर और घने कोहरे के चलते स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परिस्थिति को देखते हुए सभी ICSE, CBSE, UP बोर्ड सहित अन्य मान्यता प्राप्त सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चों की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे ठंड के दौरान फील्ड इंस्पेक्शन करें और सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करें. साथ ही, उन्होंने कंबल उपलब्ध कराने और लोगों को खुले में सोने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है. योगी ने रैन बसेरों में पूरी व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है ताकि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए और सभी को सुरक्षित आश्रय मिल सके.
रैन बसेरों में सभी सुविधाएं सुनिश्चित करें
सीएम योगी ने इस दौरान अधिकारियों से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी रैन बसेरों में जरूरी सुविधाएं जैसे कंबल, गर्म भोजन, और सुरक्षा की व्यवस्था हो. उन्होंने कहा है कि ठंड के प्रकोप से बच्चों, बुजुर्गों और असहाय लोगों की सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू किए जाएं.
कड़ी ठंड और कोहरे की स्थिति
उत्तर प्रदेश के अधिकतर जिलों में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा अभी भी जारी है. कई जगहों पर तो सूर्य देव ने करीब 10 दिन बाद दर्शन दिए, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली. लेकिन, कोहरे के कारण राज्य में कई सड़क दुर्घटनाएं भी हुईं हैं, जो लोगों के लिए और अधिक खतरे की स्थिति पैदा कर रही हैं.
बच्चों और लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस कड़ी ठंड और शीतलहर के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं की जाएगी. उनके निर्देश के बाद अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ राहत कार्यों को अंजाम देंगे और किसी भी नागरिक को खुले में न सोने दिया जाएगा.
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