पाकिस्तान में तबाही मचाने वाले IAF के 9 जवानों को वीर चक्र पुरस्कार, आर्मी के 18 सैनिकों को वीरता मेडल

स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले देश ने उन वीर सपूतों को सलाम किया है, जिन्होंने अदम्य साहस, धैर्य और वीरता का प्रदर्शन करते हुए भारत की सुरक्षा और अखंडता की रक्षा की.

Veer Chakra award to 9 IAF soldiers who caused havoc in Pakistan
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले देश ने उन वीर सपूतों को सलाम किया है, जिन्होंने अदम्य साहस, धैर्य और वीरता का प्रदर्शन करते हुए भारत की सुरक्षा और अखंडता की रक्षा की. रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, इस वर्ष कुल 86 सशस्त्र बलों के जवानों को गैलेंट्री अवॉर्ड्स देने की घोषणा की गई है.

इनमें सबसे अहम और चर्चा में रहा ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर कहर बरपाया. इस गुप्त सैन्य ऑपरेशन में पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी गतिविधियों के गढ़ को निशाना बनाकर तबाह किया गया. इस ऐतिहासिक कार्रवाई में शामिल 9 फाइटर पायलटों और एयरफोर्स ऑफिसर्स को वीर चक्र से सम्मानित किया गया है.

क्या है वीर चक्र पुरस्कार?

वीर चक्र भारत का युद्धकाल में दिया जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है, जो दुश्मन के खिलाफ अद्भुत साहस और पराक्रम दिखाने के लिए प्रदान किया जाता है. ये पुरस्कार ना सिर्फ सैनिक की बहादुरी का प्रतीक है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता है कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देना गर्व की बात है.

वायुसेना के लिए गौरव का पल

भारतीय वायुसेना को इस बार विशेष रूप से सम्मानित किया गया है. ऑपरेशन सिंदूर जैसी हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील कार्रवाई को सफलता से अंजाम देने में एयरफोर्स की भूमिका सबसे अहम रही.

  • 52 वायुसेना कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया है.
  • 13 ऑफिसर्स को युद्ध सेवा पदक और
  • 26 अधिकारी एवं वायुसैनिकों को वायुसेना मेडल से नवाजा गया है.

वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी समेत कुल 4 सीनियर ऑफिसर्स को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक भी प्रदान किए गए हैं.

यह पुरस्कार न केवल उनके नेतृत्व को पहचानते हैं बल्कि यह दर्शाते हैं कि भारत की वायुसेना आधुनिक युग की चुनौतियों से निपटने में कितनी सक्षम है.

भारतीय सेना के रणबांकुरों का सम्मान

जहां आसमान में वायुसेना ने दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया, वहीं जमीन पर भारतीय सेना के जवानों ने भी दुश्मनों को करारा जवाब दिया.

इस वर्ष भारतीय सेना के 18 जवानों को भी वीरता पदक से नवाजा गया है.

  • 4 अधिकारियों को कीर्ति चक्र,
  • 4 को वीर चक्र और
  • 8 को शौर्य चक्र प्रदान किए गए हैं.

साथ ही, दो वरिष्ठ सेना अधिकारियों को भी सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया है. ये पुरस्कार दर्शाते हैं कि सेना का हर जवान, चाहे वह सीमा पर तैनात हो या किसी रणनीतिक योजना का हिस्सा, अपने कर्तव्य के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित है.

सीमा सुरक्षा बल (BSF) का अद्भुत पराक्रम

देश की सीमाओं पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों का भी साहसिक योगदान इस साल सम्मानित हुआ है.

  • 16 BSF जवानों को वीरता मेडल दिया गया है.
  • ऑपरेशन के दौरान दो जवानों ने शहादत दी और सात जवान घायल हुए.

BSF, भारत और पाकिस्तान के बीच 2,290 किलोमीटर लंबी सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) पर लगातार नजर बनाए हुए है. उनके साहस और बलिदान ने देशवासियों को सुरक्षित रखा है, और यह सम्मान उनके उस निस्वार्थ योगदान को पहचानता है.

पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सराहनीय भूमिका

गैलेंट्री अवॉर्ड्स में इस बार केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों के जवानों को भी प्रमुखता से सम्मानित किया गया है.

जम्मू-कश्मीर पुलिस के 128 जवानों को वीरता पदक दिए गए हैं यह देश के किसी भी राज्य की पुलिस बल को मिले वीरता पुरस्कारों की सबसे बड़ी संख्या है.

CRPF के 20, और छत्तीसगढ़ पुलिस के 14 जवानों को भी सम्मान मिला है.

इसके अलावा, गृह मंत्रालय द्वारा 1090 पुलिसकर्मियों को सेवा पदक देने की घोषणा की गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • 233 वीरता मेडल
  • 99 राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक
  • 758 उत्कृष्ट सेवा पदक

इनमें फायर सर्विस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधार गृहों में कार्यरत कर्मी भी शामिल हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई स्तर हैं और हर स्तर पर देशभक्त डटे हुए हैं.

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