कैरिबियन में घमासान की आहट! वेनेजुएला ने अमेरिकी दबाव के बीच दिखाई सैन्य ताकत

कैरिबियन सागर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया है. अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव ने अब सैन्य स्तर पर एक नया रूप ले लिया है. अमेरिकी नौसेना द्वारा रणनीतिक युद्धपोतों और अत्याधुनिक स्टील्थ विमानों की तैनाती के जवाब में वेनेजुएला ने भी अपने सबसे घातक लड़ाकू विमान और मिसाइल प्रणाली मैदान में उतार दी है.

Venezuela US Tensions sends su30mk1 vs warship trump
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कैरिबियन सागर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया है. अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव ने अब सैन्य स्तर पर एक नया रूप ले लिया है. अमेरिकी नौसेना द्वारा रणनीतिक युद्धपोतों और अत्याधुनिक स्टील्थ विमानों की तैनाती के जवाब में वेनेजुएला ने भी अपने सबसे घातक लड़ाकू विमान और मिसाइल प्रणाली मैदान में उतार दी है.

18 सितंबर से शुरू हुए "Sovereign Caribbean 200" नामक सैन्य अभ्यासों के जरिए वेनेजुएला ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं और संप्रभुता को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने को तैयार नहीं है. इन अभ्यासों का मुख्य केंद्र रहा ला ऑर्चिला द्वीप, जहां से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार ने शक्ति प्रदर्शन का सीधा संदेश वाशिंगटन तक पहुंचाया है.

Su-30MK2 और Kh-31 मिसाइलों की जोड़ी: अमेरिकी जहाजों पर नजरें

वेनेजुएला ने रूस से प्राप्त Su-30MK2 लड़ाकू विमानों को इस सैन्य कवायद में उतारा है. ये विमान चौथी पीढ़ी के मल्टीरोल फाइटर्स हैं, जिन्हें Kh-31 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलों से लैस किया गया है. Kh-31 मिसाइलें तेज़ गति (3,300–4,300 किमी/घंटा) और लंबी मारक दूरी (110–250 किमी) के कारण किसी भी समुद्री युद्धपोत के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं. Kh-31A संस्करण पानी के ऊपर चलने वाले जहाजों को लक्ष्य बनाता है, जबकि Kh-31PD वेरिएंट दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को खत्म करने में माहिर है. एक साथ कई मिसाइलों की फायरिंग अमेरिकी नेवी के सबसे उन्नत जहाजों को भी मात दे सकती है.

अमेरिका की मौजूदगी और वेनेजुएला की प्रतिक्रिया

अमेरिका ने हाल ही में कैरिबियन क्षेत्र में तीन Arleigh Burke क्लास डिस्ट्रॉयर, USS Iwo Jima जैसे उभयचर जहाज, F-35B स्टील्थ फाइटर्स, MQ-9 रीपर ड्रोन और एक परमाणु पनडुब्बी तैनात की है. अमेरिका का यह कदम राष्ट्रपति मादुरो पर ड्रग तस्करी के आरोपों के चलते उठाया गया माना जा रहा है. 2 और 16 सितंबर को वेनेजुएला की नौकाओं पर अमेरिकी हमलों के बाद यह टकराव और गहरा गया. इसके बाद वेनेजुएला ने अपनी वायु सेना को अलर्ट पर रखते हुए Su-30 विमानों को तैनात करने का फैसला लिया.

क्या वाकई टकराव की ओर बढ़ रहे हैं हालात?

रक्षा मंत्री व्लादिमिर पाद्रिनो ने सरकारी टीवी चैनल पर दिए एक बयान में कहा कि यह सैन्य अभ्यास अमेरिका की "अनुचित और आक्रामक रणनीति" का स्पष्ट जवाब है. वेनेजुएला का दावा है कि वह क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. इन अभ्यासों में कुल 22 सैन्य विमान, 12 युद्धपोत और 20 नौकाएं हिस्सा ले रही हैं. हालांकि वेनेजुएला के पास कुल लगभग 21 Su-30MK2 जेट्स हैं, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से फिलहाल उनमें से कुछ स्टोरेज में रखे गए हैं.

भारत और रूस भी इस्तेमाल कर चुके हैं यह कॉम्बिनेशन

गौर करने वाली बात यह है कि Kh-31 मिसाइलों का इस्तेमाल रूस और भारत दोनों ही अपने Su-30 विमानों के साथ कर चुके हैं. रूस ने हाल ही में यूक्रेन युद्ध में इन्हें प्रयोग करते हुए इन्हें “सुपरसोनिक डेथ” की संज्ञा दी थी. भारत ने 2001 में इन्हें खरीदा था और अब स्वदेशी RudraM-II मिसाइल का निर्माण कर रहा है.

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