'मुझे गिरफ्तार करके दिखाओ, देर मत करना कायरों...' वेनेजुएलाई राष्ट्रपति मादुरो ने ट्रंप को दी चुनौती

वेनेजुएला और अमेरिका के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक टकराव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है.

Venezuelan President Maduro openly challenges Trump
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Sociel Media

काराकस: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक टकराव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक तीखा और उकसाने वाला संदेश देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका में हिम्मत है, तो आकर उन्हें गिरफ्तार करे.

काराकस में मिराफ्लोरेस प्रेसिडेंशियल पैलेस से एक सख्त भाषण देते हुए राष्ट्रपति मादुरो ने सीधे-सीधे ट्रंप प्रशासन को ललकारा. उन्होंने कहा, "अगर तुम्हें लगता है कि मैं अपराधी हूं, तो आओ मुझे गिरफ्तार करो. मैं यहीं हूं, मिराफ्लोरेस में. देर मत करना कायरों. ये कोई हॉलीवुड फिल्म नहीं है, यह वेनेजुएला है एक संप्रभु राष्ट्र."

इस बयान के पीछे की वजह है अमेरिका द्वारा मादुरो पर हाल ही में घोषित किया गया $50 मिलियन डॉलर (लगभग ₹420 करोड़) का इनाम, जो अब तक किसी भी दक्षिण अमेरिकी नेता पर सबसे बड़ी घोषित इनामी राशि है.

अमेरिका ने लगाया है ड्रग तस्करी का आरोप

ट्रंप प्रशासन ने मादुरो पर आरोप लगाया है कि वह ड्रग कार्टेल्स के साथ मिलकर अमेरिका में फेंटानाइल मिलाकर कोकीन भेजने की साजिश रच रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार:

  • 7 टन कोकीन अमेरिकी धरती पर भेजी जानी थी.
  • मादुरो की 700 मिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.
  • दो निजी जेट भी जब्त किए गए हैं, जिनका कथित रूप से तस्करी में इस्तेमाल होता था.

यह पहली बार नहीं है कि अमेरिका ने मादुरो पर आरोप लगाए हैं. 2020 में भी न्यूयॉर्क की मैनहैटन फेडरल कोर्ट में मादुरो के खिलाफ नार्को-टेररिज्म और ड्रग ट्रैफिकिंग के आरोप तय किए गए थे.

उस समय ट्रंप प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी पर $15 मिलियन का इनाम रखा था, जिसे बाद में बाइडेन प्रशासन ने $25 मिलियन तक बढ़ा दिया. अब, 2025 में, ट्रंप ने इस राशि को $50 मिलियन कर दिया है जो अमेरिका के इतिहास में ओसामा बिन लादेन के बाद दूसरी सबसे बड़ी इनामी राशि मानी जा रही है.

हमारे अंदरूनी मामलों में दखल ना दो- मादुरो

मादुरो ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर वेनेजुएला की संप्रभुता से खेलने की कोशिश की गई, तो इसका गंभीर परिणाम होगा. उन्होंने कहा, "यह केवल मुझ पर हमला नहीं है, यह हमारे राष्ट्र पर, हमारे सैन्यबल पर, हमारे संविधान पर हमला है. और इसका जवाब वह होगा जिसकी कल्पना भी अमेरिका ने नहीं की होगी. अगर उन्होंने हमारे द्वार खटखटाए, तो उनके साम्राज्य का पतन शुरू हो जाएगा."

उनके साथ खड़े हुए वेनेजुएला के सेना प्रमुख डोमिंगो हर्नांडेज लारेज, जिन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के खिलाफ 'हॉलीवुड फिल्म जैसी स्क्रिप्ट' चला रहा है, जिसमें राष्ट्रपति के सिर पर इनाम रखा गया है. उन्होंने इसे देश की राष्ट्रीय गरिमा का अपमान बताया.

विदेश मंत्री और राष्ट्रीय नेतृत्व का समर्थन

विदेश मंत्री इवान गिल ने भी अमेरिका की इस कार्यवाही को “राजनीतिक दुष्प्रचार और साम्राज्यवादी रणनीति” करार दिया. उनका कहना था कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका की विफल हो रही पकड़ को छिपाने का प्रयास है. उन्होंने कहा, "जब अमेरिका अपनी आंतरिक समस्याओं को नहीं संभाल पा रहा, तब वह बाहरी शत्रु बनाकर जनता का ध्यान भटकाना चाहता है."

चुनावी विवाद और वैधता पर सवाल

निकोलस मादुरो 2013 से सत्ता में हैं. लेकिन उनकी सरकार पर चुनावों में धांधली और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगातार लगते आए हैं. 2024 में हुए राष्ट्रपति चुनाव को अमेरिका, यूरोपीय संघ और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने अवैध और अपारदर्शी बताया था.

हालांकि मादुरो का दावा है कि वेनेजुएला की जनता ने उन्हें ही वैध नेता के रूप में चुना है और अमेरिकी आलोचना साम्राज्यवादी हस्तक्षेप का हिस्सा है.

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