कौन हैं वो महिला, जिनकी हर बात मानते हैं राष्ट्रपति पुतिन? रूस-यूक्रेन युद्ध भी करवा सकती हैं खत्म

Vladimir Putin Story: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने कठोर, रफ-टफ अंदाज के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं. यूरोप और अमेरिका जैसे देश भी अक्सर उनके फैसलों और स्टाइल से डरते हैं.

Vera Dmitrievna Gurevich words he believes in President Putin end the Russia-Ukraine war
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Vladimir Putin Story: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने कठोर, रफ-टफ अंदाज के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं. यूरोप और अमेरिका जैसे देश भी अक्सर उनके फैसलों और स्टाइल से डरते हैं. लेकिन कई बार पुतिन का सॉफ्ट साइड दुनिया को हैरान कर देता है. ऐसा ही एक नजारा तब देखने को मिला जब पुतिन अचानक अपनी बचपन की टीचर वेरा दिमित्रीवना गुरेविच से टकरा गए. 

इस मुलाकात में पुतिन ने अपनी टीचर को देखते ही गले लगा लिया और उनके चेहरे पर वह स्माइल दिखाई दी, जो बहुत कम ही लोग देख पाते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि यही वह महिला हैं, जो पुतिन को जंग रोकने के लिए राजी कर सकती हैं.

बचपन की अहम मार्गदर्शक: वेरा गुरेविच

वेरा दिमित्रीवना गुरेविच पुतिन के जीवन की बेहद अहम महिला हैं. उन्होंने पुतिन को उनके बचपन के संघर्षों से रूस का राष्ट्रपति बनने तक का सफर देखा और उन्हें उस मुकाम तक पहुंचने में मार्गदर्शन भी किया. अपनी आत्मकथा ‘व्लादिमीर पुतिन: माता-पिता: दोस्त: शिक्षक’ में वेरा ने पुतिन के बचपन और उनके व्यक्तित्व के बारे में कई खुलासे किए हैं.

उनके अनुसार, पुतिन स्कूल के समय में बेहद फुर्तीले, बेचैन और ऊर्जावान थे. वह लगातार एक जगह टिक नहीं पाते थे और बार-बार अपने पेन-पेंसिल को गिरा देते थे. पुतिन अक्सर शरारती बच्चों के प्रभाव में आ जाते थे, जिनके साथ उनकी लड़ाइयाँ होती रहती थीं. वेरा ने बताया कि पुतिन झगड़ों में कूद पड़ते थे और अपराधी बच्चों पर पूरा वजन डालकर पकड़ने की कोशिश करते थे, जैसे कोई बुलडॉग लड़ता हो.

पुतिन का कठिन बचपन

वेरा गुरेविच ने सितंबर 1964 में पुतिन के घर का दौरा किया, तब उन्होंने देखा कि 11 साल का पुतिन एक छोटे और बेहद साधारण घर में अकेले दिन बिता रहे थे, जो चूहों और कीड़ों-मकोड़ों से भरा था. शाम तक उनके पास कोई नहीं था जो उनकी देखभाल करता. ऐसे माहौल में पुतिन की पढ़ाई और मानसिक विकास पर असर पड़ रहा था.

वेरा ने पुतिन को कहा, “बस करो, अब और आवारागर्दी मत करो, पढ़ाई में लग जाओ.” पुतिन ने जवाब दिया कि यदि वह चाहें तो सारा होमवर्क एक घंटे में कर सकते हैं, और तभी वेरा ने महसूस किया कि पुतिन को प्रेरणा और मार्गदर्शन की जरूरत है. उन्होंने पुतिन के लिए गार्जियन की भूमिका निभाई और बदले में पुतिन ने उनकी बेटियों की देखभाल भी की. कई बार पुतिन अपनी टीचर के घर पर रहकर पढ़ाई करते थे, और यही वजह बनी कि आगे जाकर उन्होंने कानून की डिग्री लेने का निर्णय लिया.

आज भी बनी है गहरी साझेदारी

पुतिन आज भी वेरा गुरेविच को हर रिश्ते से ऊपर सम्मान और प्यार देते हैं. कहा जाता है कि पुतिन अपनी ज़िंदगी के बड़े फैसलों के बारे में अपनी 88 वर्षीय टीचर से सलाह लेना नहीं भूलते. यही कारण है कि कई राजनीतिक और सामाजिक विशेषज्ञ मानते हैं कि वेरा ही एक ऐसी महिला हैं जो पुतिन को किसी भी बड़े युद्ध या विवाद को रोकने के लिए मनाने में सक्षम हैं.

पुतिन और वेरा के बीच का यह संबंध सिर्फ शिक्षक-छात्र का नहीं, बल्कि एक मजबूत भावनात्मक और प्रेरणादायक बंधन का प्रतीक है. पुतिन की गंभीर और सख्त छवि के पीछे यह कहानी उनकी मानवीय संवेदनाओं और जीवन में मार्गदर्शन पाने की गहराई को भी दर्शाती है.