पेशावर: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर सोमवार की सुबह एक बार फिर बड़े आतंकवादी हमले से दहल गई. सुबह के समय, जब शहर का सामान्य जीवन चल रहा था, तभी पेशावर के फेडरल कांस्टेबुलरी (FC) मुख्यालय पर दो जोरदार धमाके हुए. यह इलाका पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था में सबसे संवेदनशील माना जाता है और यहाँ भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहते हैं.
धमाकों के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने क्षेत्र की सभी सड़कें सील कर दी. धमाकों की गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए. शुरुआती जांच में पता चला कि यह हमला दो आत्मघाती हमलावरों ने किया था. इनमें से एक हमलावर ने मुख्य गेट पर खुद को उड़ा लिया, जबकि दूसरे को सुरक्षा बलों ने परिसर में दाखिल होने से पहले ही मार गिराया.
CCTV फुटेज में कैद हुआ हमला
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो हमले की तीव्रता और अचानकपन को दर्शाता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि गेट पर सुरक्षा गार्ड तैनात था और सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चल रही थी. अचानक तेज धमाका होता है और आसपास के लोग अपने स्थान पर थर्राने लगते हैं. कई लोग कुछ सेकंड तक अपनी जगह पर जमे रहते हैं, जबकि कुछ धीरे-धीरे सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ते हैं. फुटेज में एक व्यक्ति को विशेष रूप से सदमे में बैठे हुए देखा गया, जो हमले की भयावहता का प्रतीक है.
CCTV footage surfaces from the attack site showing the exact moment of the blast at #FC Headquarters, #Sunehri Masjid Road, #Peshawar.#pakistan pic.twitter.com/jwozHi9XeC
— Chaudhary Parvez (@ChaudharyParvez) November 24, 2025
हताहत और घायल
स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस हमले में कम से कम तीन सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई है और पांच से अधिक जवान घायल हुए हैं. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और संभावित बचे हुए संदिग्धों की तलाश जारी है.
TTP पर शक
अभी तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि, स्थानीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि इसके पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) या उसके जुड़े किसी गुट का हाथ हो सकता है. पेशावर और खैबर पख्तूनख्वा में पहले भी TTP ने कई बड़े हमले किए हैं, जिनमें स्कूल, पुलिस केंद्र और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था.
पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में TTP की सक्रियता बढ़ी है. सितंबर महीने में भी खैबर पख्तूनख्वा में दो बड़े हमले हो चुके थे. विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा हमला उस बढ़ती सक्रियता का हिस्सा हो सकता है और सुरक्षा बलों के लिए सतर्कता का बड़ा अलर्ट है.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
फेडरल कांस्टेबुलरी मुख्यालय पर दिन में हमला होने की घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है. यह इलाका न केवल सुरक्षा बलों का प्रमुख केंद्र है, बल्कि कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय भी यहाँ मौजूद हैं. मुख्य गेट पर आत्मघाती हमलावर की सफलता यह दिखाती है कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई.
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस हमले के बाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पेशावर में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अतिरिक्त गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस और सेना ने न केवल आसपास की सड़कें सील की हैं, बल्कि संभावित आतंकियों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया है.
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